Indian Overseas Bank: इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने अपने ग्राहकों को राहत दी है। बैंक ने सभी पीरियड पर मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 10 बेसिस प्वाइंट यानी 0.10% की कटौती की है। यह नई दरें 15 अगस्त 2025 से लागू हो गई है। यह लगातार दूसरा महीना है जब बैंक ने MCLR में कटौती की है। इससे पहले जुलाई में भी इतनी ही कमी की गई थी। बैंक के ऐसा करने से होम लोन ईएमआई कम हो जाएगी। होम लोन का इंटरेस्ट रेट भी कम हो जाएगा।
बैंक की एसेट लाइबिलिटी मैनेजमेंट कमेटी (ALCO) ने 11 अगस्त 2025 को हुई बैठक में यह फैसला लिया। यह कदम 8 अगस्त 2025 को MCLR की समीक्षा के बाद उठाया गया। खास बात यह है कि यह कटौती ऐसे समय पर हुई है जब RBI ने अगस्त की मौद्रिक नीति बैठक में रेपो रेट 5.55% पर ही स्थिर रखा और मौद्रिक रुख Neutral बनाए रखा।
ओवरनाइट: 8.05% (पहले 8.15%)
1 महीना: 8.30% (पहले 8.40%)
3 महीना: 8.45% (पहले 8.55%)
6 महीना: 8.70% (पहले 8.80%)
1 साल: 8.90% (पहले 9.00%) — यह दर अधिकतर होम लोन के लिए बेंचमार्क होती है।
इस कटौती का सीधा फायदा उन ग्राहकों को होगा जिनके लोन फ्लोटिंग रेट पर हैं। इसमें होम लोन, पर्सनल लोन और कुछ कॉरपोरेट लोन आते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपके पास 40 लाख रुपये का 20 साल का होम लोन है और यह 1 साल के MCLR 9.00% से जुड़ा है, तो आपकी EMI करीब 35,990 बनती है। नई 8.90% दर के बाद EMI घटकर लगभग 35,823 रुपये हो जाएगी। यानी 167 रुपये प्रति महीना या करीब 2,000 सालाना की बचत होगी। हालांकि, यह मंथली सेविंग बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन लंबे समय में यह ब्याज भार को कम करती है। पर्सनल लोन जैसे छोटे लेकिन महंगे लोन पर भी EMI में थोड़ी राहत मिलेगी।