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Insurance Claim:LIC पॉलिसी लेने के 13 महीने में ही हो गई पवनीश की मौत, क्लेम कर दिया गया रिजेक्ट पर अब पत्नी को मिलेंगे पूरे 10 लाख रुपए

Insurance Claim: गाजियाबाद जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने LIC ऑफ इंडिया को आदेश दिया है कि वह पॉलिसीहोल्डर के नॉमिनी को 30 दिनों के भीतर 10 लाख रुपये का भुगतान करने के आदेश दिया है

Edited By: Sujata Yadavअपडेटेड Oct 03, 2026 पर 9:50 AM
Insurance Claim:LIC पॉलिसी लेने के 13 महीने में ही हो गई पवनीश की मौत, क्लेम कर दिया गया रिजेक्ट पर अब पत्नी को मिलेंगे पूरे 10 लाख रुपए
ऐसे में बीमा कंपनी में पॉलिसी क्लेम करने के बाद LIC ने क्लेम का निपटारा करने से इनकार कर दिया।

Insurance Claim:  बढ़ती बीमारी के डर और मेडिकल खर्चों के बोझ से बचने के लिए अब लाइफ इंश्योरेंस करवाना लोगों की पसंद बन रही है। परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए लाइफ इंश्योरेंस काफी करवाते हैं, लेकिन ऐसे में अगर किसी व्यक्ति ने लाइफ इंश्योरेंस करवाया हो और पॉलिसीधारक की मौत हो जाए। फिर इंश्योरेंस कंपनी क्लेम खारिज कर दें तो ऐसी स्थिति में परिवार क्या करेगा? कुछ ऐसा ही मामला गाजियाबाद से सामने आया है। जहां पर जिला उपभोक्ता आयोग ने लाइफ इंश्योरेंस LIC ऑफ इंडिया को पॉलिसीहोल्डर के नॉमिनी को 30 दिनों के भीतर 10 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है।

द टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से मिली खबर के मुताबिक गाजियाबाद जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने LIC ऑफ इंडिया को आदेश दिया है कि वह पॉलिसीहोल्डर के नॉमिनी को 30 दिनों के भीतर 10 लाख रुपये का भुगतान करने के आदेश दिया है। इस रकम में डेथ क्लेम के तौर पर 9.9 लाख रुपये और मानसिक परेशानी व कानूनी खर्च के लिए मुआवजे के तौर पर 5,000 रुपये शामिल हैं।

दरअसल, गाजियाबाद की रहने वाली नीलम मारवाह ने 3 जनवरी, 2017 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य शैलजा सचान व आरपी सिंह को बताया कि उनके पति पवनीश मारवाह ने 27 नवंबर, 2013 को बीमा कंपनी से 9.95 लाख रुपये की सम एश्योर्ड वैल्यू वाली पॉलिसी खरीदी थी।

5 दिसंबर, 2014 को उनके पति बीमार पड़ गए और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। ऐसे में बीमा कंपनी में पॉलिसी क्लेम करने के बाद LIC ने क्लेम का निपटारा करने से इनकार कर दिया। कंपनी ने नीलम को एक पत्र में बताया कि क्लेम इसलिए खारिज कर दिया गया क्योंकि उनके पति ने पॉलिसी लेते समय अपनी पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी छिपाई थी।

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