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LIC लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसीज के लिए बना सकती है अपनी डिपॉजिटरी

LIC लाइप इंश्योरेंस पॉलिसी के डीमैटेरियलाइजेशन में बिजनेस का बड़ा मौका देख रही है। लाइफ इंश्योरेंस मार्केट में एलआईसी की करीब 70 फीसदी हिस्सेदारी है। एलआईसी हर साल करीब 2 करोड़ नई पॉलिसी जारी करती है। इसके अलावा पहले जारी की गई उसकी पॉलिसीज की कुल संख्या कम से कम 22 करोड़ है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 16, 2022 पर 2:06 PM
LIC लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसीज के लिए बना सकती है अपनी डिपॉजिटरी
सरकारी और प्राइवेट सभी लाइफ इश्योरेंस कंपनियों के लिए इस साल दिसंबर से इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में पॉलिसी जारी करना अनिवार्य होगा।

LIC लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए डिपॉजिटरी शुरू कर सकती है। इसके लिए वह अलग सब्सिडियरी बना सकती है। वह इस बारे में इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI से बातचीत करने वाली है। एलआईसी देश की सबसे बड़ी इंश्योरेस कंपनी है।

एलआईसी को डिपॉजिटरी बिजनेस में बड़े मौके दिख रह हैं। दरअसल, IRDAI ने लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसीज के डीमैटेरियलाइजेशन के लिए डेडलाइन जारी कर दी है। सरकारी और प्राइवेट सभी लाइफ इश्योरेंस कंपनियों के लिए इस साल दिसंबर से इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में पॉलिसी जारी करना अनिवार्य होगा। अभी ये कंपनियां फिजिकल फॉर्म में ग्राहक को पॉलिसी जारी करती हैं। इसके गुम हो जाने, नुकसान पहुंचने, चोरी होने आदि का डर रहता है।

IRDAI के निर्देश के मुताबिक, सभी लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों को अगले साल दिसंबर से सभी मौजूदा या पुरानी पॉलिसी को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में बदलना शुरू कर देना होगा। इससे ग्राहकों को अपनी पॉलिसी की सुरक्षा नहीं रह जाएगी। शेयरों की तरह लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसीज भी सिर्फ डीमैट फॉर्म में होंगी।

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