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शेयरों की तरह जल्दी ही बीमा पॉलिसी भी सिर्फ ऑनलाइन रहेगी, जानिए क्या है पूरा मामला

सभी नए पॉलिसीज के लिए नई व्यवस्था दिसंबर 2022 से शुरू हो जाएगी। मौजूदा पॉलिसीज के लिए डेडलाइन दिसंबर 2023 हो सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 14, 2022 पर 2:21 PM
शेयरों की तरह जल्दी ही बीमा पॉलिसी भी सिर्फ ऑनलाइन रहेगी, जानिए क्या है पूरा मामला
नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राहकों को अपनी मौजूदा फिजिकल पॉलिसी को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में कनवर्ट करना होगा।

जल्द आपको अपनी बीमा पॉलिसीज भी इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में रखनी पड़ेगी। अभी शेयरों को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में रखना अनिवार्य है। शेयरों को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में रखने के लिए डीमैट अकाउंट का इस्तेमाल हो रहा है। IRDAI इस बारे में एक प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।

यह सुविधा सबसे पहले 2013 में शुरू हुई थी। इसमें 5 इंश्योरेंस रिपॉजिटरीज थीं। इनमें CAMS Repository, Karvy, SHCIL Projects, NSDL Database Management (NDML) और Centrla Repository of India शामिल हैं। अब इनकी संख्या घटकर चार रह गई है। SHCIL ने रिपॉजिटरी लाइसेंस सरेंडर कर दिया है।

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इंश्योरेंस पॉलिसीज का इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म सभी के लिए फायदेमंद था। लेकिन, इसे पॉलिसीहोल्डर्स और इंश्योरेंस कंपनियों का अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला। इसकी वजह कमजोर डिमांड और बीमा कंपनियों के लिए अतिरिक्त लागत थी। अगर IRDAI के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो इलेक्ट्रॉनिक पॉलिसी फ्रेमवर्क फिर से तैयार हो जाएगा।

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