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हेल्थ पॉलिसी प्रीमियम होगा 10-15 फीसदी महंगा, जानिए क्या है वजह?

हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां मेंटल हेल्थ से जुड़ी बीमारियों को हेल्थ कवर से अलग नहीं कर सकती हैं, लिहाजा प्रीमियम बढ़ाएंगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 22, 2019 पर 8:59 AM
हेल्थ पॉलिसी प्रीमियम होगा 10-15 फीसदी महंगा, जानिए क्या है वजह?

हेल्थ पॉलिसी प्रीमियम के लिए जल्द ही आपका खर्च 10-15 फीसदी तक बढ़ सकता है। दरअसल बीमा कंपनियों को यह कहा गया है कि वह 1 अक्टूबर से अतिरिक्त बीमारियों को कवर दें। यानी कंपनियां जो नई पॉलिसी बेच रही हैं, उनपर यह लागू होगा।

बीमा रेगुलेटर IRDA (इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने हाल ही में एक गाइडलाइंस जारी किया है। इस गाइडलाइंस के मुताबिक, बीमा कंपनियां अब जेनेटिक डिस्ऑर्डर, मेंटल हेल्थ और मेनोपॉज से जुड़ी बीमारियों को पॉलिसी में शामिल करने से मना नहीं कर सकती हैं। 

हेल्थ बीमा कंपनी के अंडरराइटिंग हेड ने कहा, "कई तरह की बीमारियां होने लगी हैं। अतिरिक्त बीमारियों को कवर करने में खर्च ज्यादा होता है। यही वजह है कि नई पॉलिसी के प्रीमियम में 10-15 फीसदी का इजाफा होगा।"

IRDA ने ऐसी कई बीमारियों की लिस्ट बनाई है जिसमें यह बताया है कि कंपनियां किस तरह की बीमारियों को कवर देने से मना नहीं कर सकती हैं। उदाहरण के तौर पर मेंटल हेल्थ को लेते हैं। मेंटल हेल्थकेयर एक्ट 2017, 29 मई 2018 से लागू हुआ है। इसका मकसद मेंटल हेल्थ से जुड़ी बीमारियों के लिए मेडिकल इंश्योरेंस अनिवार्य करना था।

कानून के मुताबिक, यह किसी शारीरिक बीमारी की तरह ही है। लेकिन इसके लिए अभी बहुत ज्यादा प्रोडक्ट नहीं बने हैं। 1 अक्टूबर से हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां मेंटल हेल्थ से जुड़ी बीमारियों को हेल्थ कवर से अलग नहीं कर सकती हैं।

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