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प्री एक्जिसटिंग डिजीज कवरेज के बारे में जानें

ये एक मिथक है कि हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत प्री एक्जिसटिंग बीमारियां कभी कवर नहीं होती हैं।

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 28, 2013 पर 11:21 AM
प्री एक्जिसटिंग डिजीज कवरेज के बारे में जानें

हेल्थ इंश्योरेंस एक अनिवार्य खर्च है। हालांकि जो लोग प्री एक्जिसटिंग डिजीज से पीड़ित होते हैं उन्हें हेल्थ कवरेज मिलना कठिन होता है। आइए जानते हैं कि प्री एक्जिसटिंग डिजीज की शर्तें क्या होती हैं।

प्री एक्जिसटिंग शर्त के तहत वो बीमारियां आती हैं जो किसी व्यक्ति को इंश्योरेंस लेने से पहले होती हैं। इसके तहत आमतौर पर जटिल माने जानी वाली बीमारियां जैसे कैंसर और डायबिटीज के अलावा कम जटिल बीमारियां जैसे हाई ब्लड प्रेशर, अस्थमा और एक्ने तक शामिल होते हैं।

बीमाकर्ता प्री एक्जिसटिंग डिजीज वाले लोगों को पसंद नहीं करते हैं-

बीमा कंपनियां उन लोगों को बीमा देने से कतराती हैं जिन्हें प्री एक्जिसटिंग डिजीज होती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन लोगों को इलाज की ज्यादा जरूरत पड़ सकती है और इसके चलते बीमा कंपनियों पर ज्यादा आर्थिक जोखिम हो सकता है। हालांकि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि स्वस्थ व्यक्ति बीमार नहीं पड़ सकता लेकिन बीमा कंपनियों को फिर भी उन लोगों को बीमा देने में हिचक होती है जिन्हें पहले से स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां हों।

अगर पहले से प्री एक्जिसटिंग डिजीज हो तो क्या इंश्योरेंस मिल सकता है-

प्री एक्जिसटिंग डिजीज वाले लोगों को अक्सर हेल्थ इंश्योरेंस का आधा अधूरा फायदा मिलता है। इसके चलते हेल्थ कवरेज का रद्द होना, बीमा कंपनी द्वारा मेडिकल बिल का भुगतान करने से मना कर देना और पूरी पॉलिसी का रद्द कर देना जैसे मामले सामने आ सकते हैं।

तो आप इस परिस्थिति से कैसे निपटें? यहां पर कुछ जानकारी दी गई है जिससे आपको हेल्थ इंश्योरेंस पाने में मदद मिल सकती है।

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