इंश्योरेंस एजेंट पॉलिसीधारक को इंश्योरेंस प्लान में प्रीमियम पर मिलने वाले रिटर्न के लुभावने सपने दिखाकर प्लान बेचते हैं। जिसके चलते पॉलिसीधारक प्लान की अन्य मुख्य सुविधाओं और उद्देश्य से अक्सर वंचित रह जाता है। वहीं इंश्योरेंस पॉलिसी बेचने वाले एजेंट यह जानते हैं कि इंश्योरेंस प्लान लेना एक लंबी अवधि का सौदा होता है। वहीं जब लंबी अवधि में प्लान मैच्युर होगा तब तक वह पॉलिसीधारक के संपर्क में नहीं होंगे। साथ ही एजेंट इंश्योंरेंस कंपनी के साथ भी अक्सर लंबी अवधि तक नहीं जुडे होते हैं। ऐसे में पॉलिसीधारक द्वारा लिए गए प्लान में जब वह सुविधाएं नहीं मिलती जो एजेंट द्वारा बताई गई थीं, तब एजेंट को ढूंढ पाना मुश्किल होता है। हालांकि इन सब के पीछे पॉलिसीधारक की अज्ञनता जिम्मेदार है, जो बिना किसी फैसले के किसी भी प्लान को खरीदने का जोखिम उठाते हैं। पॉलिसीधारक को यह भी अक्सर नहीं पता होता है कि लाइफ इंश्योरेंस में टैक्स छूट तब ही मिलती है, जब इंश्योरेंस कवर सालाना प्रीमियम का दस गुना होता है।