ज्यादातर संपन्न माता-पिता (तकरीबन 78%) अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए विदेश भेजना चाहते हैं या उनके बच्चे पहले से विदेशी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि, इस लक्ष्य के लिए उनकी फाइनेंशियल तैयारी संतोषजनक नहीं है। HSBC की स्टडी में यह बात सामने आई है। HSBC की रिपोर्ट के मुताबिक, वे अपने रिटायरमेंट के बदले बच्चों के इंटरनेशनल एजुकेशन को प्राथमिकता देते हैं।
