EPFO Rate Cut : पीएफ पर 8.1% ब्याज दर दूसरी स्कीम्स से अभी भी बेहतर, वित्त मंत्री ने दी सफाई

EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने इस महीने की शुरुआत में वित्त वर्ष 2021-22 के लिए ईपीएफ जमाओं पर 8.1 फीसदी ब्याज की सिफारिश की थी। यह 1977-78 के बाद सबसे निचला स्तर है

अपडेटेड Mar 22, 2022 पर 8:40 AM
पीएफ पर जमा को हाल में घटाकर 8.1 फीसदी कर दिया गया है, जो चार दशकों से ज्यादा समय का निचला स्तर है

Nirmala Sitharaman on EPFO : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कर्मचारियों को भविष्य निधि (provident fund) जमाओं पर मिलने वाले ब्याज में कमी के प्रस्ताव का बचाव किया है। वित्त मंत्री ने राज्यसभा में कहा कि इस दर से आज की वास्तविकताओं का पता चलता है जहां दूसरी स्माल सेविंग (small saving) स्कीम्स पर ब्याज दरें और भी कम हैं। पीएफ पर जमा को हाल में घटाकर 8.1 फीसदी कर दिया गया है, जो चार दशकों से ज्यादा समय का निचला स्तर है।

EPFO का एक सेंट्रल बोर्ड करता है सिफारिश

सीतारमण ने कहा कि EPFO का एक सेंट्रल बोर्ड है जो ब्याज दर पर फैसला लेता है और उन्होंने कुछ समय से इसमें बदलाव नहीं किया था। उन्होंने अब इसे बदलकर 8.1 फीसदी कर दिया है।


इस महीने की शुरुआत में, सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए ईपीएफ जमाओं पर 8.1 फीसदी ब्याज की सिफारिश की थी। यह 1977-78 के बाद सबसे निचला स्तर है। इससे पहले EPF पर ब्याज दर 8.5 फीसदी थी।

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दूसरी स्माल सेविंग स्कीम्स से ज्यादा है ब्याज

गौरतलब है कि सीतारमण की अगुआई वाला मंत्रालय EPFO के सेंट्रल बोर्ड की सिफारिश को मंजूरी देने वाली नोडल अथॉरिटी है। उन्होंने दूसरी योजनाओं से ब्याज दरों की तुलना करते हुए कहा सुकन्या समृद्धि योजना (7.6 प्रतिशत), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (7.4 प्रतिशत) और पीपीएफ (7.1 प्रतिशत) पर ब्याज दर कम मिल रही हैं। वहीं एसबीआई (SBI) की 5-10 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट (fixed deposits) पर ब्याज दर 5.50 फीसदी है।

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उन्होंने कहा, “EPFO के सेंट्रल बोर्ड ने आज की वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया है। इस प्रस्ताव को अभी मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय के पास आना है, लेकिन इस बात ध्यान रखना चाहिए कि यह दर अभी भी दूसरी स्कीम्स से ज्यादा हैं।”

सरकार ने बढ़ाई फूड सब्सिडी

फूड सब्सिडी पर सीतारमण ने कहा कि 2021-21 में बजट में फूड सब्सिडी के लिए 2.43 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। संशोधित अनुमान 2.87 लाख करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा, “जब बजट अनुमान की तुलना में ज्यादा फूड सब्सिडी की जरूरत थी तो हमने बिना किसी संकोच के तुरंत यह उपलब्ध करा दी।”

 

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