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Floating Rate FD: फिक्स्ड या फ्लोटिंग रेट किसमें करें निवेश, जानिए कहां मिलेगा बेहतर रिटर्न

Floating Rate FD: ‘फ्लोटिंग रेट फिक्स्ड डिपॉजिट’ में निवेश की खास बात यह है कि इस पर मिलने वाले ब्याज की दरें फिक्स्ड होने की बजाय बदलती रहती हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 04, 2022 पर 1:29 PM
Floating Rate FD: फिक्स्ड या फ्लोटिंग रेट किसमें करें निवेश, जानिए कहां मिलेगा बेहतर रिटर्न
RBI के रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद फ्लोटिंग रेट एफडी की चर्चा ज्यादा होने लगी है।

Floating Rate FD: जमा और बचत के लिए बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposits – FD) बेहतर विकल्प हो सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इनमें निवेश ज्यादा सुरक्षित होता है और रिटर्न भी पहले से तय रहता है। बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट करते समय अलग-अलग टेन्योर चुनने का विकल्प मिलता है। अगर आप FD करने की तैयारी कर रहे हैं तो आपके बता दें कि FD भी दो तरह की होती हैं।

FD में निवेश की अवधि के दौरान ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होता है। इसे फिक्स्ड डिपॉजिट को फिक्स्ड रेट्स FD कहा जाता है। वहीं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की नीतिगत दरों से जुड़े फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों में बदलाव होता रहता है। ऐसे फिक्स्ड डिपॉजिट को फ्लोटिंग रेट्स FD कहा जाता है। RBI ने पिछले दिनों जब रेपो रेट में बढ़ोतरी की उसके बाद फ्लोटिंग रेट एफडी की चर्चा ज्यादा होने लगी।

आपके लिए कौन सी FD रहेगी बेहतर?

जानकारों की माने तो बैंकों की ओर से ब्‍याज दरों में जिस तरह से इजाफा किया जा रहा है उसे देखते हुए मौजूदा समय में फ्लोटिंग रेट FD ज्‍यादा मुनाफे वाली साबित होंगी। लेकिन अगर बैंक इसमें कटौती करना शुरू कर दें तो आपको नुकसान होगा। इसका फायदा तब तक ही मिलेगा जब तक बैंक रेट्स में इजाफा कर रहे हैं। जैसे ही बैंक ब्याज दरों में कटौती शुरू कर देंगे। आपको नुकसान होना शुरू हो जाएगा। वहीं फिक्स्ड रेट वाली FD पर बैंक पहले से ही ब्याज तय कर देते हैं।

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