Investing: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने दुनिया भर के शेयर बाजारों को हिला कर रख दिया है। कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव का माहौल है। ऐसे में छोटे और मझोले निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि, क्या यह पैसा लगाने का सही समय है या हाथ रोककर इंतजार करना चाहिए? एक्सपर्ट्स का मानना है कि डरकर पीछे हटने के बजाय, एक सोची-समझी रणनीति के साथ बाजार में बने रहना ही समझदारी है।
घबराएं नहीं, बाजार का गिरना एग्जिट का सिग्नल नहीं है
आनंद राठी वेल्थ लिमिटेड के सुमित श्रीवास्तव के अनुसार, निवेश के लिए हर समय अच्छा होता है, बशर्ते आपकी रणनीति लंबी अवधि की हो। निफ्टी 50 में हर साल औसतन 18% की गिरावट देखी जाती है, लेकिन यह एक साल के भीतर रिकवर भी कर लेता है। बाजार में पूरी स्पष्टता का इंतजार करने से बेहतर है कि आप जल्दी शुरुआत करें ताकि आपको 'कंपाउंडिंग' का लाभ मिल सके।
एक साथ न लगाएं सारा पैसा, अपनाएं स्टैगर्ड अप्रोच
अगर आपके पास ₹50,000 से ₹2 लाख की अतिरिक्त राशि है, तो एक्सपर्ट्स उसे एक बार में यानी Lump-sum लगाने की सलाह नहीं देते। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के संतोष मीणा के अनुसार, सारा पैसा एक साथ डालने के बजाय अगले 4 से 6 महीनों में टुकड़ों में निवेश करें। इससे आपको बाजार की गिरावट का लाभ मिलेगा और अगर मार्केट और गिरता है, तो आपके पास निवेश के लिए और मौके रहेंगे।
म्यूचुअल फंड, ETF या डायरेक्ट इक्विटी, कहां लगाएं पैसा?
यह आपकी रिस्क लेने की क्षमता पर निर्भर करता है। इक्विटी म्यूचुअल फंड वेतनभोगी निवेशकों के लिए सबसे अच्छा है। ये फंड प्रोफेशनल द्वारा मैनेज किए जाते हैं और अच्छी डायवर्सिफिकेशन देते हैं। वहीं अगर आप कम खर्च में पूरे बाजार की बढ़त का फायदा उठाना चाहते हैं, तो इंडेक्स ईटीएफ एक सुरक्षित विकल्प है। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP उनको करनी चाहिए जिनके पास नियमित आय है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, ₹20,000 महीने की SIP 15 साल में आपको ₹1 करोड़ से ज्यादा का फंड दे सकती है।
सिर्फ शेयर बाजार के भरोसे न रहें, गोल्ड और कैश भी है जरूरी
इक्विरस वेल्थ के अंकुर पुंज के अनुसार, केवल शेयरों में पैसा न लगाएं। मौजूदा माहौल में पोर्टफोलियो को बैलेंस करना जरूरी है। युद्ध के समय सोना हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है। ऐसे मल्टी-एसेट फंड्स जो शेयर, सोना और बॉन्ड्स तीनों में निवेश करते हैं, जोखिम को कम कर सकते हैं। अपने पास कुछ नकद भी रखें ताकि बाजार में कोई बड़ी गिरावट आए, तो आप सस्ते में शेयर खरीद सकें।
भावनाओं में न बहें, अनुशासन दिखाएं
मार्च में SIP बंद करने वालों की संख्या में तेजी देखी गई है, जो कि निवेशकों के डर को दर्शाता है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि, अपनी SIP न रोकें क्योंकि बाजार में गिरावट के समय आपको उतनी ही रकम में ज्यादा 'यूनिट्स' मिलती हैं, जो भविष्य में बड़ा मुनाफा देती हैं। अनावश्यक पैनिक से बचें और खबरों के आधार पर रातों-रात अपना पोर्टफोलियो न बदलें।
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