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PFRDA ने NPS टियर II-टैक्स सेविंग स्कीम की गाइडलाइंस जारी की, जानिए क्या मिलेगा फायदा

NPS के Tier II- Tax Saver Scheme में निवेश करने पर 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स छूट मिलती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 21, 2020 पर 2:23 PM
PFRDA ने NPS टियर II-टैक्स सेविंग स्कीम की गाइडलाइंस जारी की, जानिए क्या मिलेगा फायदा

सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन फंड रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने राष्ट्रीय पेंशन योजना टियर II- टैक्स सेवर स्कीम (National Pension Scheme Tier II- Tax Saver Scheme, 2020) के लिए गाइडलाइंस जारी किए हैं। केंद्र सरकार का कोई भी कर्मचारी जो एनपीएस (NPS) में अपना योगदान देता है वह इस योजना के तहत एक अतिरिक्त पेंशन अकाउंट खुलवा सकता है और रिटायरमेंट के बाद अधिक पेंशन का लाभ उठा सकता है। अगर कोई कर्मचारी एनपीएस के Tier II- Tax Saver Scheme में अपना योगदान देते हैं तो उन्हें 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स डिडक्शन बेनिफिट मिलता है। केंद्र सरकार के जुलाई 2020 में सरकारी कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना टियर II- टैक्स सेवर स्कीम की शुरुआत की थी।

दरअसल, पहले सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए 2 तरह के एनपीएस खाते खोलने की सुविधा मिल रही थी। लेकिन अब केंद्रीय कर्मचारियों को इस योजना के तहत तीन पेंशन खाते खोलने की इजाजत होगी। राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत टियर-1 अकाउंट पेंशन अकाउंट होता है। वहीं, टियर-2 अकाउंट वॉलंटियरी सेविंग्स अकाउंट है, लेकिन इसमें withdrawal पर टैक्स बेनिफिट (Tax benefit) नहीं मिलता है। लेकिन अब सरकारी कर्मचारी टियर-2 अकाउंट के तहत टैक्स बेनिफिट वाला तीसरा अकाउंट खोल सकते हैं। इसका लॉक-इन पीरियड तीन साल है। जिन NPS सब्सक्राइबर का टियर-1 अकाउंट है वे टियर-2 अकाउंट खोल सकते हैं। अगर आप रिटायरमेंट के लिए अधिक बचत करना चाहते हैं और तो टियर-2 अकाउंट खोल सकते हैं और इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स डिडक्शन बेनिफिट का फायदा उठा सकते हैं।

तीन तरह के अकाउंट

टियर-1: यह सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है।

टियर-2: बिना किसी टैक्स बेनिफिट के आसानी से withdrawal की सुविधा

टियर-2: टैक्स बेनिफिट के साथ तीन साल का लॉक-इन पीरियड

पीएफ (PF) की रकम में बदलाव नहीं कर सकते

राष्ट्रीय पेंशन योजना टियर II- टैक्स सेवर स्कीम के तहत खोले गए पेंशन अकाउंट का लॉकइन पीरियड तीन साल है। यानी इसमें जमा होने वाले पीएफ (PF) की रकम में आप तीन साल तक कोई बदलाव नहीं कर सकते हैं। अगर तीन साल के बाद इसमें जमा होने वाली PF की राशि में कोई बदलाव करते हैं तो उसे फ्रेश इनवेस्टमेंट माना जाएगा और उसका लॉकइन पीरियड भी तीन साल होगा।

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