एलआईसी का आईपीओ आ रहा है। यह इश्यू 60,000 से 90,000 करोड़ रुपये तक का हो सकता है। लिस्टिंग के बाद यह देश की सबसे बड़ी कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएगी। इसके निफ्टी 50 में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। यूबीएसल ग्लोबल रिसर्च ने कहा है कि इश्यू के आकार को देखते हुए इसके निफ्टी में शामिल होने की उम्मीद है। दरअसल, इसके शेयरों का फ्री-फ्लोट प्रमुख सूचकांकों में इसके लिए जगह बनाएगा।
यूबीएस ग्लोबल रिसर्च ने कहा है, "मार्केट कैप के लिहाज से एलआईसी इंडिया की तीसरी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी होगी। फ्री-फ्लोट के लिहाज से यह 32वीं सबसे बड़ी कंपनी होगी। इसके चलते इसे निफ्टी 50 इंडेक्स में जगह मिलने की उम्मीद है।" हालांकि, ऐसे वक्त में यह आईपीओ आ रहा है, जब बाजार का सेंटीमेंट कमजोर है। रूस-यूक्रेन में तनाव, क्रूड की ऊंची कीमतों और अमेरिकी में इट्रेस्ट रेट बढ़ने के अनुमान से मार्केट पर दबाव है।
एलआईसी के पक्ष में सबसे बड़ी बात यह है कि उसकी ब्रांडिंग बहुत स्ट्रॉन्ग है। मध्यम वर्ग में घर-घर तक एलआईसी ब्रांड की पहुंच है। साल 2000 से पहले यह देश की इकलौती जीवन बीमा कंपनी थी। इंडिया में काफी समय तक लोग एलआईसी के प्रोडक्ट्स को सेविंग्स का जरिया मानते आए हैं। इसलिए इसे किसी तरह के प्रचार की जरूरत नहीं है।
एलआईसी के देशभर में करीब 12 लाख एजेंट्स है। इसके पॉलिसीहोल्डर्स की संख्या 29 करोड़ से ज्यादा है। देशभर में इसके 2000 से ज्यादा ब्रांच हैं। इस तरह इसकी पहुंच देश के कोने-कोने तक है। इसकी बाजार हिस्सेदारी करीब 66 फीसदी है। यह इंश्योरेंस मार्केट में इसकी दमदार स्थिति को बताता है। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि कंपनी अपने पॉलिसीहोल्डर्स को कम भाव में शेयर खरीदने का मौका देने जा रही है। इससे बड़ी संख्या में इन्वेस्टर्स इस आईपीओ में दिलचस्पी दिखा सकते हैं।