Zerodha Co-founder Nithin Kamath : स्टॉक मार्केट में बड़ी गिरावट को आम तौर एक कमाई का एक अवसर माना जाता है। लेकिन हर गिरावट मार्च, 2020 जैसी नहीं होती है, जब बाजार ने तुरंत वापसी की थी। जिरोधा के को-फाउंडर और चीफ एग्जीक्यूटिव नितिन कामत ने गुरुवार को यह बात कही। महामारी के बाद स्टॉक्स अपने सबसे खराब महीने का सामना कर रहे हैं, ऐसे में जिरोधा के सीईओ ने ट्विटर पर फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी (fixed deposits), डेट फंड्स से निकलने और गिरावट में खरीदारी से जुड़ी एक अहम बात साझा की।
खराब हालात में रिकवरी में लगता है लंबा वक्त
कामत ने ट्वीट किया, “कई मैसेज में मुझसे पूछा जा रहा है कि क्या इस समय एफडी, डेट फंड्स से निकल जाना चाहिए और गिरावट में खरीदारी करनी चाहिए।” उन्होंने कहा, “मेरा मानना है- हर गिरावट मार्च 2020 जैसी नहीं होती जब तुरंत वापसी हुई थी।”
उन्होंने कहा, “इस बार अगर हालात बद्तर होते हैं तो रिकवरी में लंबा समय लग सकता है।” एक अन्य ट्वीट में जिरोधा के को-फाउंडर ने कहा, “यदि स्टॉक्स 30-40 फीसदी नीचे आते हैं तो इसका मतलब है कि फंडामेंटल में बदलाव हुआ है, भले ही कोई खबर नहीं आई हो।”
उन्होंने कहा, इनवेस्ट करते समय ऐसा स्टॉक खरीदें जो मजबूत हो, वह नहीं जो कमजोर हो। कामत ने कहा, “मान लीजिए, दो स्टॉक ए और बी दोनों की कीमत 100 रुपये है। ए गिरकर 50 रुपये पर आ जाता है और बी 100 रुपये पर बना रहता है, ऐसे में बी के ऊपर जाने की संभावनाएं ज्यादा हैं। लेकिन इसका उल्टा लगता है और बाजार ऐसे ही काम करता है।”
अच्छे स्टॉक बेचना खराब स्ट्रैटजी
उन्होंने माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर लिखा, “हम विनर्स यानी अच्छे स्टॉक्स बेच देते हैं और लूजर्स में एवरेजिंग करते हैं। यह स्ट्रैटजी खतरनाक तरीके से गलत हो सकती है। लाखों इनवेस्टर्स से पूछिए जो यस बैंक को 400 रुपये से 10 रुपये पर आने तक खरीद रहे हैं और अपने सभी प्रॉफिटेबिल इनवेस्टमेंट से निकल रहे हैं।”
कामत ने कहा, “एक या दो स्टॉक्स पर लगातार दांव लगाकर पैसा कमाने की कहानियां अच्छी लगती हैं, लेकिन ऐसा 10 लाख में एक के साथ ही होता है।” उन्होंने यह भी कहा कि लंबी अवधि में निवेश का सबसे अच्छा तरीका डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो होना और इमरजेंसी के लिए बड़ी मात्रा में कैश रखना है।