लाइफ इंश्योरेंस कराने वालों की बल्ले-बल्ले, IRDAI के नए नियमों से मिलेगा 1% तक ज्यादा रिटर्न! घट जाएगा एजेंटों का कमीशन

IRDAI Distribution Reforms: भारतीय बीमा विनियामक (IRDAI) ने जीवन बीमा कंपनियों के मैनेजमेंट खर्च और एजेंट कमीशन में कटौती का ड्राफ्ट प्रस्ताव जारी किया है। इसके लागू होने से पारंपरिक सेविंग्स पॉलिसियों के रिटर्न (IRR) में 0.50% से 1% तक की बढ़ोतरी होने का अनुमान है

अपडेटेड Oct 01, 2026 पर 9:52 AM
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खर्चों में होने वाली इस बचत का सीधा फायदा ग्राहकों को ज्यादा मैच्योरिटी बेनिफिट और बेहतर रिटर्न (IRR) के रूप में मिलेगा

IRDAI Insurance Reforms: जीवन बीमा की पारंपरिक सेविंग्स पॉलिसियों में निवेश करने वाले करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) द्वारा प्रस्तावित नए डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म्स लागू होने के बाद सेविंग्स इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पर मिलने वाला रिटर्न 1 फीसदी (100 बेसिस पॉइंट्स) तक बढ़ सकता है।

बीमा नियामक ने इंश्योरेंस कंपनियों के लिए डिस्ट्रीब्यूशन कॉस्ट, एजेंट कमीशन और मैनेजमेंट खर्च (EoM) की सीमाओं में कटौती का प्रस्ताव रखा है। खर्चों में होने वाली इस बचत का सीधा फायदा ग्राहकों को ज्यादा मैच्योरिटी बेनिफिट और बेहतर रिटर्न (IRR) के रूप में मिलेगा।

खर्चों में कटौती का फेस्ड प्लान


IRDAI के कंसल्टेशन पेपर के मुताबिक, बीमा कंपनियों के मैनेजमेंट खर्च (EoM) की सीमा को चरणबद्ध तरीके से घटाने का प्रस्ताव है:

FY29 तक: अगले दो वर्षों में जीवन बीमा कंपनियों के लिए EoM की सीमा घटाकर 15 प्रतिशत की जाएगी।

FY32 तक: अगले पांच वर्षों में इसे और घटाकर 12.5 प्रतिशत पर लाया जाएगा।

बता दें कि 2023 में IRDAI ने अलग-अलग प्रॉडक्ट्स पर कैप लगाने के बजाय एक ओवरऑल EoM सीलिंग लागू की थी, जिससे बीमा कंपनियों को खर्चों का आवंटन करने की आजादी मिली थी। अब इस सीमा को और सख्त किया जा रहा है।

रिटर्न में कितना सुधार होगा?

वर्तमान में पारंपरिक सेविंग्स लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियां औसतन 5 से 6 प्रतिशत का सालाना रिटर्न (IRR) देती हैं। उद्योग के जानकारों के मुताबिक प्रस्तावित नियमों के बाद रिटर्न में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी:

1. 5 साल पीपीटी और 10 साल की पॉलिसी (5-Year PPT / 10-Year Term)

इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (IRR) में 80 से 100 बेसिस पॉइंट्स (0.8%-1%) का सुधार दिखेगा। अगर 35 साल का व्यक्ति ₹1 लाख का वार्षिक प्रीमियम 5 साल तक भरता है (10 गुना डेथ कवर के साथ), तो 10वें साल मैच्योरिटी राशि ₹6.5 लाख से बढ़कर ₹7.1 लाख हो जाएगी। मौजूदा ऑफरिंग की तुलना में ₹60,000 का अतिरिक्त मैच्योरिटी लाभ मिलेगा।

2. 10 साल पीपीटी और 20 साल की पॉलिसी (10-Year PPT / 20-Year Term)

IRR में 50 से 60 बेसिस पॉइंट्स (0.5%-0.6%) का सुधार होगा। अगर 35 साल का व्यक्ति ₹1 लाख का सालाना प्रीमियम 10 साल तक जमा करता है, तो 20 साल बाद मिलने वाली मैच्योरिटी रकम ₹22.25 लाख से बढ़कर लगभग ₹24.5 लाख हो सकती है। पॉलिसीधारक को ₹2.25 लाख का अतिरिक्त मैच्योरिटी बेनिफिट मिलने का अनुमान है।

IRDAI Distribution Reforms प्रस्तावित एजेंट कमीशन और डिस्ट्रीब्यूशन कैप्स

IRDAI ने प्रीमियम भुगतान अवधि (PPT) के आधार पर लिंक्ड और नॉन-लिंक्ड पॉलिसियों के लिए पहले साल के अधिकतम कमीशन की नई सीमाएं तय करने का सुझाव दिया है। इस नए प्रस्ताव के तहत, 5 साल से कम की प्रीमियम भुगतान अवधि वाली पॉलिसियों के लिए डिस्ट्रीब्यूशन एंटिटीज के लिए कमीशन कैप 5% और एजेंटों के लिए 6.25% रखने का सुझाव है। वहीं 5 साल की अवधि पर यह कैप डिस्ट्रीब्यूशन एंटिटीज के लिए 10% और एजेंटों के लिए 12.5% तय की गई है।

6 से 8 साल की PPT वाली पॉलिसियों के लिए डिस्ट्रीब्यूशन एंटिटीज को अधिकतम 14% और एजेंटों को 17.5% तक कमीशन देने की सिफारिश की गई है। 9 साल की अवधि के लिए यह सीमा डिस्ट्रीब्यूशन एंटिटीज हेतु 18% और एजेंटों हेतु 22.5% रखी गई है। इसके अलावा, 10 साल या उससे अधिक की प्रीमियम भुगतान अवधि वाली पॉलिसियों के मामले में डिस्ट्रीब्यूशन एंटिटीज के लिए अधिकतम कमीशन सीमा 20% और एजेंटों के लिए 25% तय करने का प्रस्ताव रखा गया है।

(नोट: यह ड्राफ्ट कंसल्टेशन पेपर अभी समीक्षाधीन है और इंडस्ट्री से फीडबैक मिलने के बाद अंतिम दरों में थोड़ा बदलाव हो सकता है।)

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