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क्या आपका मकानमालिक NRI है? NRI मकानमालिक को रेंट पेमेंट पर किराएदार के लिए TDS काटना जरूरी है, जानिए नियम

अगर आपने NRI से रेजिडेंशियल या कमर्शियल प्रॉपर्टी किराए पर ली है तो उसके रेंट पेमेंट पर TDS का नियम लागू होगा। आपको हर महीने किराए के अमाउंट पर TDS डिडक्ट करना होगा। इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास डिपॉजिट करना होगा

Abhishek Anejaअपडेटेड May 04, 2023 पर 1:16 PM
क्या आपका मकानमालिक NRI है? NRI मकानमालिक को रेंट पेमेंट पर किराएदार के लिए TDS काटना जरूरी है, जानिए नियम
कई बार किराएदार यह कहते है कि उन्हें अपने मकानमालिक के रेजिडेंशियल स्टेटस के बारे में पता नहीं था। इस वजह से वे टीडीएस के नियमों का पालन नहीं कर पाए। लेकिन, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस तरह के जवाब पर ध्यान नहीं देता है।

कई NRI बेंगलुरु, हैदराबाद, गुड़गांव, नोएडा जैसे आईटी हब में इनवेस्ट करते हैं। प्रॉपर्टी की वैल्यू में एप्रिशिएसन या रेंटल इनकम के लिए ऐसा किया जाता है। कई किरायदारों को यह पता नहीं होता कि अपने NRI मकानमालिक को किराए के पेमेंट से पहले उनके लिए TDS काटना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को काफी ज्यादा इंटरेस्ट और पेनाल्टी चुकानी पड़ती है। इसलिए अगर आपने किसी NRI से घर किराया पर लिया है तो आपको TDS काटने के नियम का पालन करना होगा। यह नियम रेजिडेंशियल और कमर्शियल दोनों तरह की प्रॉपर्टी पर लागू है।

NRI का मतलब क्या है?

एनआरआई एक इंडिविजुअल है, जो भारतीय मूल का व्यक्ति या भारत का नागरिक हो सकता है, लेकिन वह इनकम टैक्स कानून के लिहाज से इंडिया का रेजिडेंट नहीं है। इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 6 में व्यक्ति के रेजिडेंशियल स्टेट्स के बारे में बताया गया है। किसी व्यक्ति को इंडिया का रेजिडेंट माना जाता है जब वह निम्नलिखित शर्तों में से किसी एक को पूरा करता है:

(i) अगर वह पिछले साल कम से कम 182 दिन इंडिया में बिताया है, या

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