ITR Filing 2026: सिर्फ AIS और Form 26AS देखकर न भरें रिटर्न, TDS और डिविडेंड समेत इन 5 बातों का भी रखें ध्यान
ITR Filing 2026: ITR भरने से पहले सिर्फ AIS और Form 26AS पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है। TDS और डिविडेंड जैसी जानकारियों का सही मिलान नहीं करने पर आयकर विभाग की नजर आप पर पड़ सकती है। इससे टैक्स नोटिस आने का खतरा रहता है।
अगर आपको शेयरों, म्यूचुअल फंड या दूसरे निवेशों से डिविडेंड मिला है, तो उसे भी सही तरीके से रिटर्न में दिखाना चाहिए।
ITR Filing 2026: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ITR भरने का सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में कई लोग AIS (Annual Information Statement) और Form 26AS में दिखाई गई जानकारी के आधार पर ही रिटर्न भर देते हैं। लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ इन दोनों दस्तावेजों पर भरोसा करना सही नहीं है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब AI, डेटा एनालिटिक्स और अलग-अलग संस्थानों से मिलने वाली जानकारी की मदद से आय छिपाने, गलत जानकारी देने और कम आय दिखाने जैसे मामलों की पहचान कर रहा है। इसलिए रिटर्न भरने से पहले अपनी सभी वित्तीय जानकारियों का मिलान करना जरूरी है।
1. बैंक और FD का ब्याज जरूर जांच लें
रिटर्न भरने से पहले यह देख लें कि आपके सभी बैंक खातों में मिला ब्याज AIS में दिखाई गई रकम से मेल खाता है या नहीं। कई लोगों के एक से ज्यादा बैंक खाते होते हैं और वे छोटे-छोटे ब्याज को जोड़ना भूल जाते हैं।
FD के मामले में भी अक्सर गड़बड़ी होती है। कई बार AIS में दिखाई गई ब्याज की रकम और बैंक रिकॉर्ड में अंतर होता है। इसलिए बैंक स्टेटमेंट और इंटरेस्ट सर्टिफिकेट से मिलान करना जरूरी है।
2. TDS कटने के बाद वाली रकम को आय न मानें
ब्याज, डिविडेंड और दूसरी कई तरह की आय पर पहले ही TDS कट जाता है। इसके बाद जो रकम आपके खाते में आती है, वह पूरी आय नहीं होती।
ITR में आपको TDS कटने से पहले वाली पूरी आय दिखानी होती है। TDS का फायदा बाद में अलग से लिया जाता है। अगर सिर्फ खाते में आई रकम दिखाई गई, तो आय कम दिखाने का मामला बन सकता है।
3. डिविडेंड और बड़े कैश जमा की जानकारी
अगर आपको शेयरों, म्यूचुअल फंड या दूसरे निवेशों से डिविडेंड मिला है, तो उसे भी सही तरीके से रिटर्न में दिखाना चाहिए। कंपनियां और वित्तीय संस्थान यह जानकारी सीधे आयकर विभाग को भेजते हैं, इसलिए छोटी रकम भी छोड़ना ठीक नहीं है।
इसके अलावा बैंक में बड़ी नकद जमा रकम का भी सही रिकॉर्ड रखें। जरूरत पड़ने पर आपको यह बताना पड़ सकता है कि पैसा कहां से आया था।
4. शेयर, कारोबार और प्रॉपर्टी से जुड़ी डिटेल
अगर आपने शेयर, बॉन्ड या म्यूचुअल फंड में खरीद-बिक्री की है, तो उसका मिलान कॉन्ट्रैक्ट नोट, कैपिटल गेन स्टेटमेंट और बैंक रिकॉर्ड से करें।
कारोबार करने वाले और प्रोफेशनल लोगों को भी अपनी कमाई, बैंक रिकॉर्ड और खातों का मिलान करना चाहिए। इसके अलावा घर, फ्लैट या जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े लेनदेन को भी सही तरीके से रिटर्न में दिखाना जरूरी है।
5. विदेशी आय और बीमा की रकम भी जांचें
अगर आपको विदेश से सैलरी, प्रोफेशनल फीस, ब्याज, डिविडेंड या दूसरी कोई आय मिली है, तो उसे रिटर्न में सही तरीके से दिखाना जरूरी है।
इसी तरह बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी पर मिली रकम की भी जांच कर लें। अगर वह टैक्स छूट के दायरे में आती है, तो उससे जुड़े दस्तावेज अपने पास रखें। विदेशी टैक्स क्रेडिट का दावा करने वालों को भी सभी जरूरी कागजात तैयार रखने चाहिए।
रिटर्न भरने से पहले पूरा मिलान करें
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि AIS और Form 26AS काफी महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं, लेकिन सिर्फ इन्हीं के आधार पर ITR नहीं भरनी चाहिए। बैंक स्टेटमेंट, निवेश का रिकॉर्ड, प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात और दूसरी वित्तीय जानकारी से मिलान करने के बाद ही रिटर्न दाखिल करना बेहतर रहता है। इससे गलतियां कम होती हैं और बाद में नोटिस या पूछताछ का जोखिम भी घटता है।
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