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ITR Filing 2026: डिविडेंड और बोनस शेयर मिले हैं? ITR भरते समय भूलकर भी न करें ये गलती

ITR Filing 2026: शेयरों से डिविडेंड मिला है या बोनस शेयर बेचे हैं? ITR भरते समय एक छोटी गलती भी AIS और Form 26AS से मिसमैच करा सकती है। जानिए डिविडेंड और बोनस शेयरों की सही टैक्स रिपोर्टिंग का पूरा तरीका।

Curated By: Suneel Kumarअपडेटेड Jun 11, 2026 पर 3:49 PM
ITR Filing 2026: डिविडेंड और बोनस शेयर मिले हैं? ITR भरते समय भूलकर भी न करें ये गलती
ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4 में डिविडेंड इनकम को 'इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज' के तहत दिखाना चाहिए।

ITR Filing 2026: अगर आपने वित्त वर्ष 2025-26 में शेयरों या इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश किया है और आपको डिविडेंड मिला है या बोनस शेयर मिले हैं, तो ITR भरते समय इनकी सही जानकारी देना जरूरी है। दोनों पर टैक्स के नियम अलग-अलग हैं। अगर जानकारी गलत भर दी गई या छूट गई, तो AIS और Form 26AS से आंकड़े मेल नहीं खा सकते। ऐसी स्थिति में टैक्स विभाग की ओर से सवाल पूछे जा सकते हैं।

डिविडेंड इनकम कहां दिखानी होती है?

डिविडेंड इनकम पर आपकी टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है। अगर किसी वित्त वर्ष में डिविडेंड की रकम 10,000 रुपये से ज्यादा है, तो कंपनी सेक्शन 194 के तहत 10% TDS काट सकती है। अगर PAN उपलब्ध नहीं कराया गया है, तो TDS की दर 20% तक हो सकती है।

ITR-1 और ITR-2 में डिविडेंड इनकम को 'इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज' के तहत Schedule OS में दिखाना होता है। यहां TDS कटने के बाद की नहीं, बल्कि पूरी ग्रॉस डिविडेंड रकम दर्ज करनी होती है। बाद में कटे हुए TDS का क्रेडिट लिया जा सकता है। अगर अंतिम टैक्स देनदारी कम निकलती है, तो रिफंड भी मिल सकता है।

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