ITR Filing 2026: इनकम 2.50 लाख रुपये होने पर भी ITR फाइल करना है जरूरी! जानिये नियम

Income Tax: अक्सर लोग मानते हैं कि यदि उनकी सालाना इनकम टैक्स छूट की लिमिट से कम है, तो उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की जरूरत नहीं है।

अपडेटेड Jun 09, 2026 पर 6:43 PM
Income Tax: अक्सर लोग मानते हैं कि यदि उनकी सालाना इनकम टैक्स छूट की लिमिट से कम है, तो उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की जरूरत नहीं है।

Income Tax: अक्सर लोग मानते हैं कि यदि उनकी सालाना इनकम टैक्स छूट की लिमिट से कम है, तो उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की जरूरत नहीं है। पुराने टैक्स रिजीम में यह लिमिट 2.5 लाख रुपये और नए टैक्स रिजीम में 4 लाख रुपये है। हालांकि, इनकम टैक्स विभाग ने कुछ ऐसे नियम बनाए हैं जिनके तहत कम इनकम होने पर भी ITR फाइल करना अनिवार्य हो जाता है। कई बार लोगों की इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आती, लेकिन उनके फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन ऐसे होते हैं जिनकी वजह से उन्हें रिटर्न दाखिल करना पड़ता है।

ITR भरना है जरूरी

यदि किसी व्यक्ति ने एक फाइनेंशियल ईयर के दौरान अपने एक या अधिक करंट अकाउंट में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा किए हैं, तो उसे ITR दाखिल करना होगा। इसी तरह यदि किसी व्यक्ति ने अपने एक या अधिक सेविंग अकाउंट में कुल 50 लाख रुपये या उससे अधिक जमा किए हैं, तो भी रिटर्न फाइल करना अनिवार्य है।


विदेश यात्रा पर अधिक खर्च

अगर किसी व्यक्ति ने अपने या किसी अन्य व्यक्ति के लिए विदेश यात्रा पर 2 लाख रुपये से अधिक खर्च किए हैं, तो उसे इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना होगा, चाहे उसकी इनकम टैक्स छूट लिमिट से कम ही क्यों न हो।

बिजली बिल भी बना सकता है कारण

यदि किसी व्यक्ति ने फाइनेंशियल ईयर के दौरान 1 लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल पेमेंट किया है, तो उसे भी ITR दाखिल करना जरूरी होगा।

विदेशी संपत्ति रखने वालों के लिए नियम

भारत में रहने वाला कोई भी व्यक्ति यदि विदेश में किसी संपत्ति का मालिक है, किसी विदेशी संपत्ति का लाभार्थी है या विदेश में स्थित किसी खाते में साइनिंग अथॉरिटी रखता है, तो उसके लिए ITR फाइल करना अनिवार्य है।

कारोबार और प्रोफेशन से जुड़ी शर्तें

यदि कोई व्यक्ति व्यापार करता है और उसकी कुल बिक्री, टर्नओवर या सकल प्राप्तियां 60 लाख रुपये से अधिक हैं, तो उसे रिटर्न दाखिल करना होगा। वहीं, डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य पेशेवरों के लिए यह लिमिट 10 लाख रुपये की सकल प्राप्तियों (Gross Reciept) की है।

ज्यादा TDS या TCS कटने पर

यदि किसी व्यक्ति का एक फाइनेंशियल ईयर में कुल TDS और TCS 25,000 रुपये या उससे अधिक है, तो उसे ITR दाखिल करना होगा। सीनियर सिटीजनके लिए यह लिमिट 50,000 रुपये तय की गई है।

ITR फाइल करना क्यों फायदेमंद है?

भले ही किसी व्यक्ति के लिए कानूनी रूप से ITR फाइल करना जरूरी न हो, फिर भी रिटर्न दाखिल करने के कई फायदे हैं। यह इनकम का आधिकारिक प्रमाण माना जाता है, टैक्स रिफंड लेने में मदद करता है, बैंक लोन और वीजा आवेदन के दौरान उपयोगी होता है और भविष्य के लिए फाइनेंशियल रिकॉर्ड तैयार करता है।

ITR फाइलिंग कब शुरू होगी?

आकलन ईयर 2026-27 (वित्त ईयर 2025-26) के लिए ITR फाइलिंग शुरू हो चुकी है। हालांकि, टैक्सपेयर्स 15 जून के बाद रिटर्न दाखिल करें, क्योंकि तब तक फॉर्म-16, अपडेटेड फॉर्म 26AS और AIS उपलब्ध हो जाएंगे। इनकम टैक्स नियमों के अनुसार नियोक्ताओं को 15 जून 2026 तक कर्मचारियों को फॉर्म-16 जारी करना होता है। वहीं व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है।

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