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ITR Filing 2026: सैलरी ₹12 लाख है और नहीं कटा TDS, तो भी भरना पड़ सकता है टैक्स! समझिए ITR का यह पेचीदा नियम

ITR Filing 2026: TDS नहीं कटने के बावजूद जब आप अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने बैठते हैं तो आपको झटका लग सकता है। जैसे ही आप सैलरी के अलावा बैंक FD या सेविंग्स अकाउंट का ब्याज जोड़ते हैं, तो स्क्रीन पर जहां टैक्स 'Zero' दिखना चाहिए था, वहां अचानक टैक्स देनदारी नजर आने लगती है। कई करदाताओं को लगता है कि यह कोई तकनीकी गलती है, लेकिन ऐसा नहीं है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jul 05, 2026 पर 9:32 AM
ITR Filing 2026: सैलरी ₹12 लाख है और नहीं कटा TDS, तो भी भरना पड़ सकता है टैक्स! समझिए ITR का यह पेचीदा नियम
नियम के मुताबिक, ₹12 लाख की टैक्स छूट आपकी कुल कमाई पर मिलती है

Income Tax Return 2026 Rule: अगर आपकी सालाना सैलरी ₹12.75 लाख के आसपास है, तो मुमकिन है कि इस पूरे वित्त वर्ष में आपकी कंपनी ने सैलरी से एक रुपये का भी TDS नहीं काटा होगा। बजट 2025 में हुए बड़े बदलाव के बाद नए टैक्स रिजीम के तहत धारा 87A की रिबेट सीमा को ₹7 लाख से बढ़ाकर ₹12 लाख कर दिया गया था। यही वजह है कि पिछले 12 महीनों से आपकी पे-स्लिप पूरी तरह टैक्स-फ्री दिख रही है।

लेकिन असली कहानी तब शुरू होती है जब आप अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने बैठते हैं। जैसे ही आप सैलरी के अलावा बैंक FD या सेविंग्स अकाउंट का ब्याज जोड़ते हैं, तो स्क्रीन पर जहां टैक्स 'Zero' दिखना चाहिए था, वहां अचानक टैक्स देनदारी नजर आने लगती है। कई करदाताओं को लगता है कि यह कोई तकनीकी गलती है, लेकिन ऐसा नहीं है। आइए समझते हैं कि सैलरी पर टीडीएस न कटने का मतलब यह क्यों नहीं है कि आपको टैक्स भी नहीं देना होगा।

कन्फ्यूजन की असली वजह: टीडीएस बनाम टोटल इनकम

ज्यादातर नौकरीपेशा लोग दो चीजों को एक समझ लेते हैं- सैलरी पर कटने वाला TDS और आपकी कुल आय पर लगने वाला टैक्स।

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