ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने से पहले ज्यादातर टैक्सपेयर्स AIS (Annual Information Statement) और Form 26AS का मिलान करते हैं। हालांकि, इन दोनों का डेटा पूरी तरह मैच होने के बावजूद इनकम टैक्स विभाग का नोटिस आ सकता है।
ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने से पहले ज्यादातर टैक्सपेयर्स AIS (Annual Information Statement) और Form 26AS का मिलान करते हैं। हालांकि, इन दोनों का डेटा पूरी तरह मैच होने के बावजूद इनकम टैक्स विभाग का नोटिस आ सकता है।
Form 26AS में मुख्य रूप से TDS, TCS, एडवांस टैक्स और सेल्फ-असेसमेंट टैक्स की जानकारी होती है। वहीं AIS में सैलरी, ब्याज, डिविडेंड, शेयर और म्यूचुअल फंड लेनदेन, प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन समेत PAN से जुड़े कई फाइनेंशियल रिकॉर्ड शामिल होते हैं।
टैक्स एक्सपर्ट के मुताबिक, AIS और Form 26AS का मिलान करना जरूरी है। लेकिन, सिर्फ इससे नोटिस से बचने की गारंटी नहीं मिलती।
नोटिस आने की 5 बड़ी वजहें
ITR में गलत जानकारी: AIS और Form 26AS सही होने के बावजूद अगर ITR में सैलरी, ब्याज, डिविडेंड या कैपिटल गेन गलत या अधूरा दिखाया गया है, तो नोटिस आ सकता है।
गलत हेड में आय दिखाना: कैपिटल गेन को 'Income from Other Sources' या बिजनेस इनकम को किसी दूसरे हेड में दिखाने पर भी विभाग सवाल पूछ सकता है।
ज्यादा डिडक्शन का दावा: 80C, 80D, HRA, होम लोन ब्याज या कैपिटल गेन छूट का असामान्य रूप से बड़ा दावा जांच की वजह बन सकता है।
हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन: बड़े बैंक डिपॉजिट, प्रॉपर्टी डील, शेयर या म्यूचुअल फंड निवेश, विदेशी रेमिटेंस या भारी क्रेडिट कार्ड खर्च घोषित आय से मेल नहीं खाते, तो नोटिस मिल सकता है।
TDS क्रेडिट में गड़बड़ी: TDS क्लेम और विभाग के रिकॉर्ड में अंतर होने पर भी रिटर्न प्रोसेसिंग के दौरान नोटिस या एडजस्टमेंट हो सकता है।
ITR फाइल करने से पहले क्या जांचें?
ITR फाइल करने से पहले सिर्फ AIS और Form 26AS देखना काफी नहीं है। Form 16 जरूर मिलाएं। सैलरी स्लिप भी जांच लें। बैंक स्टेटमेंट देखें। कैपिटल गेन स्टेटमेंट और ब्रोकर रिपोर्ट का मिलान करें।
अगर होम लोन है, तो ब्याज सर्टिफिकेट भी देखें। निवेश से जुड़े सभी दस्तावेज और टैक्स चालान भी जांच लें। विदेशी आय या विदेशी संपत्ति है, तो उससे जुड़े सभी रिकॉर्ड भी ध्यान से मिलाएं।
नोटिस मिले तो क्या करें?
सबसे पहले नोटिस को ध्यान से पढ़ें और ITR, AIS, Form 26AS व अन्य दस्तावेजों से उसका मिलान करें। अगर रिटर्न सही है, तो समयसीमा के भीतर सभी जरूरी प्रूफ के साथ जवाब दें। अगर गलती हुई है, तो रिवाइज्ड ITR या संबंधित प्रक्रिया के जरिए उसे जल्द सुधार करना बेहतर रहता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।
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