ITR Filing: इनकम टैक्स के मामले में सीनियर सिटीजंस को मिलती हैं क्या-क्या रियायतें?

ITR Filing: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों यानी सीनियर सिटीजंस को कई तरह की रियायतें देता है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग की अंतिम तारीख से पहले इन रियायतों के बारे में जान लेना जरूरी है। इससे वे आईटीआर फाइल करने में उनका फायदा उठा सकेंगे

अपडेटेड Jul 30, 2024 पर 4:37 PM
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सुपर सीनियर सिटीजंस यानी ऐसे लोग जिनकी उम्र 80 साल से ज्यादा है उन्हें रिटर्न फाइल करने से छूट दी है।

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख अब सिर्फ एक दिन दूर है। अब तक 5 करोड़ टैक्सपेयर्स ने रिटर्न फाइल कर दिए हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट लगातार उन टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइलिंग के लिए रिमाइंडर भेज रहा है, जिन्होंने अब तक रिटर्न फाइल नहीं किया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सुपर सीनियर सिटीजंस यानी ऐसे लोग जिनकी उम्र 80 साल से ज्यादा है उन्हें रिटर्न फाइल करने से छूट दी है। लेकिन, 60 से 80 साल की उम्र के लोग जो सीनियर सिटीजंस की कैटेगरी में आते हैं, उनके लिए रिटर्न फाइल करना जरूरी है। लेकिन जिन लोगों की उम्र 75 साल या इससे ज्यादा है और जिन्हें सिर्फ पेंशन या इंटरेस्ट से इनकम होती है वे बैंक (जिसमें पेंशन का पैसा आता है) के जरिए फॉर्म 12बीबीए फाइल कर सकते हैं। उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की जरूरत नहीं है।

ओल्ड रीजीम में हायर एग्जेम्प्शन लिमिट

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सीनियर सिटीजंस को भी टैक्स के मामले में कई अतिरिक्त रियायतें दी हैं। इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में 60 साल से ज्यादा उम्र के टैक्सपेयर्स के लिए बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट 3 लाख रुपये है। 80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए यह 5 लाख रुपये है। इनकम टैक्स की नई रीजीम में बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट सभी तरह के टैक्सपेयर्स के लिए 3 लाख रुपये है। ऐसे टैक्सपेयर्स जिनकी टोटल इनकम 7 लाख रुपये तक है, उन्हें सेक्शन 87ए के तहत 25,000 रुपये का रिबेट मिलता है।


सेक्शन 80सी

इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में सीनियर सिटीजंस सीनियर सिटीजंस सेविंग स्कीम (SCSS) का फायदा उठा सकते हैं। यह स्कीम खास तौर पर सीनियर सिटीजंस के लिए शुरू की गई है। 60 साल या इससे ज्यादा उम्र का व्यक्ति इस स्कीम में निवेश कर सकता है। 55 साल के रिटायर्ड सिविलिय एंप्लॉयीज और 50 साल के डिफेंस एंप्लॉयीज इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं। इस स्कीम में 30 लाख रुपये तक के निवेश पर सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक का डिडक्शन मिलता है। अगर सभी एससीएसएस अकाउंट्स से इंटरेस्ट एक फाइनेंशियल ईयर में 50,000 रुपये से ज्यादा हो जाता है तो उस पर टैक्स लगता है। अभी इस स्कीम का इंटरेस्ट रेट 8.2 फीसदी है, जिसका पेमेंट हर तिमाही होता है।

सेक्शन 80डी

इस सेक्शन के तहत सीनियर सिटीजंस को हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम पर डिडक्शन मिलता है। यह डिडक्शन एक वित्त वर्ष में 50,000 रुपये है। अगर किसी टैक्सेपयर के मातापिता 60 साल या इससे ज्यादा उम्र के हैं तो वह उनके लिए हेल्थ पॉलिसी खरीदकर प्रीमियम पर डिडक्शन का दावा कर सकता है। इसके अलावा अगर किसी सीनियर सिटीजन के पास हेल्थ पॉलिसी नहीं है तो वे या उनके बच्चे अपने सीनियर सिटीजंस मातापिता के इलाज पर सेक्शन 80डी के तहत 50,000 रुपये तक के मेडिकल एक्सपेंसेज पर डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं।

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सेक्शन 80टीटीबी

इस सेक्शन के तहत सीनियर सिटीजंस को सेविंग्स अकाउंट या फिक्स्ड डिपॉजिट से मिले 50,000 रुपये तक के इंटरेस्ट पर टैक्स छूट मिलती है। इससे ज्यादा के इंटरेस्ट पर टैक्स लगता है।

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