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ITR Filing : आईटीआर का रिफंड मिलने में कितना समय लगता है?

आईटीआर में टैक्सपेयर्स जो जानकारी देता है वह बहुत अहम है। कोई जानकारी गलत होने पर रिफंड के प्रोसेस में देर हो सकती होती है। आम तौर पर टैक्सपेयर्स इनकम, डिडक्शंस और चुकाए गए टैक्स की जानकारी देने में गलती कर देते हैं। इसलिए ITR को सब्मिट करने से पहले सभी जानकारियां दोबारा चेक कर लेना जरूरी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 14, 2023 पर 3:32 PM
ITR Filing : आईटीआर का रिफंड मिलने में कितना समय लगता है?
आईटीआर की ई-फाइलिंग में पेपर फाइलिंग से कम वक्त लगता है। इसीलिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट टैक्सपेयर्स को ऑनलाइन रिटर्न फाइल करने की सलाह देता है।

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। कई बार टैक्सपेयर्स अपनी टैक्स लायबिलिटी से ज्यादा टैक्स का पेमेंट कर देते हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) अतिरिक्त अमाउंट वापस कर देता है। इसे रिफंड कहा जाता है। यह पैसा टैक्सपेयर के बैंक अमाउंट में डिपार्टमेंट भेज देता है। इसकी प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पूरे प्रोसेस को ऑनलाइन बना दिया है। इससे रिफंड के प्रोसेसिंग में लगने वाला समय काफी घट गया है। हालांकि, टैक्सपेयर्स के बैंक अकाउंट में रिफंड का आना कई बातों पर निर्भर करता है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

सभी जानकारियों की जांच कर लें

आईटीआर में टैक्सपेयर्स जो जानकारी देता है वह बहुत अहम है। कोई जानकारी गलत होने पर रिफंड के प्रोसेस में देर हो सकती होती है। आम तौर पर टैक्सपेयर्स इनकम, डिडक्शंस और चुकाए गए टैक्स की जानकारी देने में गलती कर देते हैं। इसलिए ITR को सब्मिट करने से पहले सभी जानकारियां दोबारा चेक कर लेना जरूरी है। कई बार टैक्सपेयर्स अपने बैंक अकाउंट की सही जानकारी देने में गलती कर देते हैं। इससे रिफंड का पैसा अकाउंट में आने में देर होती है। अगर आपके एक से ज्यादा अकाउंट हैं तो आपको साफ तौर पर यह बताना होगा कि रिफंड का पैसा आप किस अकाउंट में मंगाना चाहते हैं।

ज्यादा रिटर्न की प्रोसििंग से पड़ता है असर

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