ITR Filing: एंप्लॉयर टीडीएस सरकार के पास जमा नहीं करता है तो आपको क्या करना चाहिए?

एंप्लॉयर ने अगर टीडीएस का पैसा काटने के बावजूद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास जमा नहीं कराया है तो एंप्लॉयी के फॉर्म-16 में टीडीएस नहीं दिखेगा। ऐसे में एंप्लॉयी को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक्त इनकम टैक्स जमा करना होगा

अपडेटेड Jul 31, 2024 पर 6:20 PM
हाल में खबर आई थी कि बाजजूज ने कई एंप्लॉयीज की सैलरी से काटा गया टीडीएस का पैसा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास जमा नहीं किया है।

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आज यानी 31 जुलाई अंतिम तारीख है। रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा ने 30 जुलाई को बताया था कि 6 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर दिए हैं। कुछ टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइल करने में दिक्कत आ रही है, क्योंकि उनके एंप्लॉयर ने सैलरी से काटा गया टीडीएस इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास जमा नहीं किया है। इस वजह से एंप्लॉयी के फॉर्म 26एएस में टीडीएस नहीं दिख रहा है।

हर महीने सरकार के पास टीडीएस डिपॉजिट करना जरूरी है

हाल में खबर आई थी कि बाजजूज ने कई एंप्लॉयीज की सैलरी से काटा गया टीडीएस का पैसा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास जमा नहीं किया है। सवाल है कि ऐसा होने पर एंप्लॉयी को करना चाहिए? आइए इस सवाल का जवाब जानने की कोशिश करते हैं। आम तौर पर वित्त वर्ष की शुरुआत यानी अप्रैल में एंप्लॉयी अपने एंप्लॉयर (कंपनी) को यह बताता है कि वह इनकम टैक्स की नई और पुरानी रीजीम में से किसका इस्तेमाल करेगा।


एप्लॉयर हर महीने एंप्लॉयी की सैलरी से टीडीएस काटता है

एंप्लॉयी के टैक्स रीजीम को सेलेक्ट करने के बाद एंप्लॉयर उसकी सैलरी से हर महीने टैक्स काटना शुरू कर देता है। इसे टीडीएस कहते हैं। कंपनी को टीडीएस का पैसा अगले महीने की 7 तारीख तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास जमा करना जरूरी होता है। हालांकि, कंपनी को टीडीएस का रिटर्न तिमाही आधार पर फाइल करना होता है। वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही का टीडीएस स्टेटमेंट फाइल करने के बाद कंपनी एंप्लॉयीज को फॉर्म-16 जारी करती है।

फॉर्म-16 में टीडीएस के बारे में पूरी जानकारी होती है

टैक्स एक्सपर्ट्स एंप्लॉयीज को अपने फॉर्म-16 को ठीक तरह से चेक करने की सलाह देते हैं। इससे यह भी पता चलता है कि एंप्लॉयर ने हर महीने और पूरे साल में सैलरी से कितना पैसे काटे हैं कितने पैसे बतौर टीडीएस सरकार के पास जमा कराए हैं। एकेएम ग्लोबल के टैक्स मार्केट्स हेड येशू सहगल ने कहा कि अगर एंप्लॉयर टीडीएस जमा करने में देर करता है तो उसे सेक्शन 201 के तहत इंटरेस्ट चुकाना पड़ता है।

टीडीएस जमा नहीं करने पर पेनाल्टी

उन्होंने कहा कि अगर एंप्लॉयर टीडीएस काटने या उसे सरकार के पास जमा करने में नाकाम रहता है तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उस पर सेक्श 271सी के तहत पेनाल्टी लगा सकता है। लेकिन, अगर जानबूझकर टीडीएस जमा नहीं किया जाता है तो इसके लिए सेक्शन 276बी के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। इसमें जुर्माना और जेल तक की सजा शामिल हैं।

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एंप्लॉयी को करनी होगी शिकायत

अगर एंप्लॉयी को यह पता चलता है कि कंपनी ने उसका टीडीएस काटने के बावजूद सरकार के पास जमा नहीं किया है तो इस बारे में उसे शिकायत करनी चाहिए। अगर एंप्लॉयर इस पर कार्रवाई नहीं करता है तो एंप्लॉयी टीडीएस रिकॉन्सिलेशन, एनालिसिस एंड करेक्शन एनेबिलिंग सिस्टम (TRACES - https://contents.tdscpc.gov.in/) पर शिकायत दर्ज करा सकता है।

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