अगर टैक्सपेयर का पैन आधार से लिंक्ड नहीं है तो उसे ज्यादा टैक्स डिमांड का नोटिस इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से मिल सकता है। पैन इनऑपरेटिव होने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट सेक्शन 206एए और सीबीडीटी के 28 मार्च, 2023 और 23 अप्रैल, 2024 के सर्कुलर के तहत टैक्स डिमांड का नोटिस भेज रहा है। इस बारे में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में अहम जानकारी दी है।
पैन इनऑपरेटिव होने पर ज्यादा टैक्स के नोटिस
उन्होंने कहा कि ऐसे टैक्सपेयर्स जिनके पैन इनऑपरेटिव है, उन्हें ज्यादा टैक्स डिमांड के नोटिस भेजे जा रहे हैं। ऐसे मामलों में जिसमें सैलरी एग्जेम्प्शन लिमिट से ज्यादा नहीं है टैक्स डिमांड के नोटिस नहीं भेजे जा रहे हैं। इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक, ओल्ड रीजीम में सालाना 2.5 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स से छूट हासिल है। नई रीजीम में सालाना 3 लाख रुपये तक की आय को टैक्स से छूट हासिल है।
सीबीडीटी ने ज्यादा टीडीएस रेट का सर्कुलर जारी किया था
सीबीडीटी ने 28 मार्च, 2023 को एक सर्कुलर जारी किया था। इसमें कहा गया था कि PAN इनऑपरेटिव होने पर टैक्स 20 फीसदी के रेट से डिडक्ट किया जाएगा। पैन को आधार से लिंक नहीं करने पर वह इनऑपरेटिव हो जाता है। पैन को आधार से लिंक करने की आखिरी तारीख 30 जून, 2023 थी। एक टैक्स एक्सपर्ट ने कहा कि जून 2023 के बाद पैन के इनऑपरेटिव होने पर टीडीएस का ज्यादा रेट लागू किया जा रहा है।
रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है। इस तारीख के बाद रिटर्न फाइल करने पर पेनाल्टी चुकानी होगी। साथ ही टैक्स पर इंटरेस्ट भी देना होगा। इसलिए टैक्स एक्सपर्ट डेडलाइन से पहले टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइल कर देने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि डेडलाइन तक रिटर्न फाइल नहीं करने पर उन टैक्सपेयर्स को सबसे ज्यादा नुकसान होगा, जिनका रिफंड बन रहा है। उनके रिफंड का पैसा फंस जाएगा।
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अब तक 5 करोड़ से ज्यादा रिटर्न फाइल
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 26 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया था। इसमें कहा गया था कि 26 जुलाई तक 5 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स ने रिटर्न फाइल कर दिए हैं। उम्मीद है कि इस साल पिछले साल के मुकाबले ज्यादा रिटर्न फाइल होंगे। पिछले साल 6.88 करोड़ रिटर्न फाइल हुए थे। अगर आपने रिटर्न फाइल नहीं किया है तो जल्द फाइल कर दें।