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ITR Filing: विदेशों में कैसे भरा जाता है ITR? सिंगापुर, अमेरिका और जापान का नियम जान रह जाएंगे हैरान!

ITR Filing India vs World: टैक्स फाइलिंग के मामले में अमेरिका का सिस्टम सबसे ज्यादा जटिल है। US में हर नागरिक को हर साल टैक्स रिटर्न फाइल करना अनिवार्य है, भले ही उनका पूरा टैक्स पहले ही कट चुका हो। वहां टैक्सपेयर्स को दोहरा बोझ उठाना पड़ता है, क्योंकि अधिकांश राज्यों में उन्हें फेडरल और स्टेट दोनों टैक्स रिटर्न अलग-अलग फाइल करने होते हैं, जिससे अनुपालन का बोझ काफी बढ़ जाता है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jul 08, 2026 पर 10:37 AM
ITR Filing: विदेशों में कैसे भरा जाता है ITR? सिंगापुर, अमेरिका और जापान का नियम जान रह जाएंगे हैरान!
जानिए विदेशों में टैक्स रिटर्न भरना कितना मुश्किल या आसान है

ITR Filing Process: हर साल जुलाई का महीना आते ही भारतीय टैक्सपेयर्स के कंप्यूटर पर फॉर्म 16, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और बैंक स्टेटमेंट्स के टैब खुल जाते हैं। इसी बीच हेलिओस कैपिटल के फाउंडर समीर अरोड़ा ने एक बयान में कहा कि, 'सिंगापुर में टैक्स रिटर्न भरने में मात्र 5 मिनट का समय लगता है।' उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भारत और विदेशी टैक्स सिस्टम की तुलना को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई।

लेकिन क्या वाकई विदेशों में टैक्स रिटर्न भरना इतना आसान है? आइए क्लीयरटैक्स की टैक्स एक्सपर्ट सीए चांदनी आनंदन और डेलॉयट इंडिया के पार्टनर सुधाकर सेथुरामन से समझते हैं कि टैक्स फाइलिंग के मामले में भारत, सिंगापुर, अमेरिका, यूके और जापान से कितना अलग है।

सिंगापुर: सिर्फ 5 मिनट का खेल या बिना फॉर्म भरे काम खत्म?

सिंगापुर का टैक्स सिस्टम सिर्फ एक बेहतर पोर्टल के कारण तेज नहीं है, बल्कि इसके पीछे टैक्स वसूलने की एक अलग फिलॉसफी है। सिंगापुर का टैक्स विभाग (IRAS) एक बड़ी आबादी से रिटर्न मांगता ही नहीं है। वहां कंपनियां कर्मचारियों की सैलरी का डेटा सीधे टैक्स ऑफिस को भेज देती हैं।

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