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ITR Filing: आपके बैंक अकाउंट में रिफंड का पैसा आने में इन वजहों से हो सकती है देर

ITR Filing 2024: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है। इसके बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट टैक्सपेयर्स रिटर्न की प्रोसेसिंग के बाद रिफंड का काम शुरू करेगा। इनकम टैक्स रिटर्न में कुछ जानकारियां सही नहीं होने पर रिफंड में देरी हो सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 30, 2024 पर 2:12 PM
ITR Filing: आपके बैंक अकाउंट में रिफंड का पैसा आने में इन वजहों से हो सकती है देर
टैक्सपेयर्स की तरफ से क्लेम किया गया टीडीएस डिडक्शन 26एएस या एआईएस (AIS) से मैच करना चाहिए। अगर इन डॉक्युमेंट्स और रिटर्न में दी गई जानकारी मैच नहीं करती है तो भी रिफंड में देरी हो सकती है।

इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग की डेडलाइन बहुत करीब आ गई है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बताया है कि 26 जुलाई तक 5 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स ने रिटर्न फाइल कर दिए थे। यह पिछले साल इस तारीख तक फाइल किए गए रिटर्न की संख्या से 8 फीसदी ज्यादा है। रिटर्न फाइल कर चुके लोगों को 31 जुलाई के बाद अपना रिफंड आने का इंतजार रहेगा। कुछ टैक्सपेयर्स को रिफंड मिलने में देरी हो सकती है। आइए जानते हैं किन वजहों से रिफंड मिलने में देरी होती है।

बैंक अकाउंट की गलत जानकारी

एकेएम ग्लोबल के टैक्स मार्केट्स के हेड येशू सहगल ने बताया कि रिफंड में देरी की सबसे आम वजह इनकम टैक्स पोर्टल पर बैंक डिटेल की गलत जानकारी होती है। अगर टैक्सपेयर्स ने अपने बैंक अकाउंट को प्री-वैलिडेट नहीं किया है यानी बैंक अकाउंट की सही जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को नहीं दी है तो रिफंड आने में देर हो सकती है।

आईटीआर फॉर्म में गलत इंफॉर्मेशन

आईटीआर फॉर्म में टैक्सपेयर्स से जुड़ी जानकारियां गलत होने पर भी रिफंड में देरी हो सकती है। सहगल ने कहा कि रिपोर्टेड इनकम के मैच नहीं करने पर भी रिफंड में देर हो सकती है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास उपलब्ध जानकारी से रिटर्न फॉर्म में दी गई जानकारी का मैच करना जरूरी है।

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