देश के कई हिस्सों में मानसून की बारिश का असर इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइलिंग पर पड़ा है। टैक्सपेयर्स को एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (एआईएस) और टैक्स इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (टीआईएस) डाउनलोड करने में भी टेक्निकल स्लोडाउन का सामना करना पड़ रहा है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने बताया है कि आईटीआर फाइलिंग की तारीख नजदीक आने के बावजूद रिटर्न फाइलिंग में सुस्ती दिख रही है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है।
रिटर्न फाइलिंग में सुस्ती की कई वजहें
टैक्सआराम इंडिया के फाउंडर डायरेक्टर और पार्टनर मयंक मोहनका ने कहा, "इस साल इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइलिंग की रफ्तार सुस्त है।" इसकी तीन वजहें हो सकती हैं-पोर्टल से जुड़ी टेक्निकल प्रॉब्लम, एआईएस डाउनलोडिंग में देरी और कुछ कंपनियों की तरफ से फॉर्म-16 इश्यू करने में देर। एंप्लॉयर्स के लिए हर साल 15 जून तक फॉर्म-16 जारी करना अनिवार्य है।
10 जुलाई तक सिर्फ 2.2 करोड़ रिटर्न फाइल हुए
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस साल 10 जुलाई तक फाइल रिटर्न की संख्या बताई है। इसके मुताबिक, 10 जुलाई तक 2.22 करोड़ रिटर्न फाइल किए गए हैं। इसलिए अगर हम फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में फाइल किए गए 7.83 करोड़ रिटर्न से तुलना करें तो इसका मतलब है कि करीब ढाई हफ्ते में 5.61 करोड़ रिटर्न फाइल होने बाकी हैं। इसका मतलब है कि अब तक जितने रिटर्न फाइल हुए है, उसका दोगुना फाइल करने के लिए बचे हुए हैं।
AIS, TIS डाउनलोड करने में आ रही दिक्कत
मनीकंट्रोल ने इस बारे में करीब एक दर्जन चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्मों से बातचीत की। उन्होंने यह माना का इस बार टैक्स फाइलिंग की रफ्तार सुस्त है। अहमदाबाद के चार्टर्ड अकाउंटेंट राजू शाह ने कहा, "हमें कई क्लाइंट्स के AIS और TIS को एक्सेस करने में दिक्कत का सामना करना पड़ा है। यह प्रॉब्लम टैक्स-फाइलिंग पोर्टल के सर्वर की वजह से हो सकती है।"
एआईएस से डेटा मैच कराए बगैर रिटर्न नहीं फाइल करना चाहते टैक्सपेयर्स
इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स AIS की जानकारियों को चेक किए बगैर रिटर्न फाइल नहीं करना चाहते हैं। वे नहीं चाहते कि किसी गलत इंफॉर्मेशन की वजह से उन्हें बाद में दिक्कत का सामना करना पड़े। एस अजमेरा एंड कंपनी की फाउंडर श्वेता अजमेरा ने कहा, "इनकम टैक्स पोर्टल सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। कई बार 'ई-पे टैक्स' ने फंक्शन सही तरह से काम नहीं किया है। प्रोफाइल डिटेल नहीं दिख रही है। फील्ड फॉर्म्स और रिटर्न सेक्शन ब्लैंक हैं।"
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कुछ कंपनियों की तरफ से फॉर्म-16 इश्यू करने में देर
केपीबी एंड एसोसिएट्स में पार्टनर पारस सावला ने कहा, "अगर रिटर्न में कोई इनकम छूट जाती है तो बाद में टैक्सपेयर को इसका जवाब देना पड़ सकता है। छूट गई इनकम को दोबारा शामिल करने के लिए उसे रिवाइज्ड रिटर्न भरना पड़ सकता है।" कुछ कंपनियों की तरफ से फॉर्म-16 इश्यू करने में देरी हुई है। मुंबई की एक एडवर्टाइजिंग कंपनी के एग्जिक्यूटिव ने कहा कि उसे पिछले हफ्ते फॉर्म 16 मिल गया है लेकिन कुछ डेटा गलत होने की वजह से एंप्लॉयर ने उसे वापस ले लिया।