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इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइलिंग के लिए कौन कर सकता है सहज फॉर्म का इस्तेमाल?

CBDT ने फरवरी में सेक्शन 139 (1) के तहत डिसक्लोजर को ध्यान में रख ITR-1 में कुछ बदलाव किए थे। इससे ऐसा व्यक्ति जिसकी सालाना इनकम 2.5 लाख रुपये से कम है, वह स्वेच्छा से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकता है। ऐसे व्यक्ति का फिक्स्ड डिपॉजिट अगर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाता है तो भी उसे इसके बारे में आईटीआर फॉर्म में बताने की जरूरत नहीं है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 05, 2023 पर 5:23 PM
इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइलिंग के लिए कौन कर सकता है सहज फॉर्म का इस्तेमाल?
रेसिडेंट नॉट ऑर्डिनरिली रेजिडेंट (RNOR), NRI की इनकम अगर 50 लाख रुपये से ज्यादा है तो वह ITR-1 का इस्तेमाल नहीं कर सकता।

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख नजदीक आ रही है। जिन लोगों की सालाना इनकम 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें रिटर्न फाइल करना जरूरी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग पोर्टल पर फॉर्म्स इनेबल कर दिए हैं। नियमों में संशोधन के बाद ऐसे इंडविजुअल जिनके खिलाफ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सर्च और सीजर ऑपरेशंस किए हैं, वे रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। उन्हें आईटीआर-1 में अपनी अनडिसक्लोज्ड वेल्थ के सेल्फ एसेसमेंट के आधार पर सेक्शन 153सी के तहत रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करना होगा।

स्वेच्छा से की जा सकती है रिटर्न फाइलिंग

CBDT ने फरवरी में सेक्शन 139 (1) के तहत डिसक्लोजर को ध्यान में रख ITR-1 में कुछ बदलाव किए थे। इससे ऐसा व्यक्ति जिसकी सालाना इनकम 2.5 लाख रुपये से कम है, वह स्वेच्छा से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकता है। ऐसे व्यक्ति का फिक्स्ड डिपॉजिट अगर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाता है तो भी उसे इसके बारे में आईटीआर फॉर्म में बताने की जरूरत नहीं है।

ITR के इस्तेमैाल की शर्तें

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