Income Tax ITR Forms 2026-27: इनकम टैक्स विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए नए ITR फॉर्म जारी कर दिए हैं। इस बार कुछ अहम बदलाव किए गए हैं, जिनका असर नौकरीपेशा लोगों, पेंशनर्स और प्रोफेशनल्स सभी पर पड़ेगा। इस बार ITR-1 और ITR-4 फॉर्म में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब टैक्सपेयर्स दो हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली इनकम भी दिखा सकते हैं। पहले यह लिमिट सिर्फ एक प्रॉपर्टी तक ही थी।
इसके अलावा, अगर आप सेक्शन 80G या 80GGC (पॉलिटिकल डोनेशन) के तहत छूट लेना चाहते हैं, तो अब आपको ज्यादा जानकारी देनी होगी, जैसे ट्रांजैक्शन रेफरेंस नंबर और संबंधित संस्था या पार्टी का नाम। एक और बदलाव यह है कि ITR-1 और ITR-4 में अब Relief 89A का विकल्प हटा दिया गया है, जो पहले सैलरी के बकाया (arrears) पर राहत देता था। वहीं कैपिटल गेन रिपोर्टिंग को आसान बनाने के लिए पुराने नियमों में बदलाव किया गया है।
कौन सा ITR फॉर्म आपके लिए सही?
ITR-1 (सहज) उन लोगों के लिए है जिनकी सालाना इनकम 50 लाख रुपये तक है और इनकम सैलरी, दो घरों या अन्य साधारण स्रोतों से है।
ITR-2 उन लोगों के लिए है जिनकी इनकम में कैपिटल गेन या विदेशी संपत्ति शामिल है।
ITR-3 बिजनेस या प्रोफेशन से कमाई करने वालों के लिए है।
ITR-4 (सुगम) छोटे व्यापारियों और प्रोफेशनल्स के लिए है, जो प्रिजम्प्टिव टैक्स स्कीम के तहत आते हैं।
टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, AIS/TIS में दिख रही जानकारी और आपकी ITR में कोई अंतर नहीं होना चाहिए, वरना नोटिस आ सकता है। इसके अलावा, बैंक अकाउंट को पहले से वेरिफाई करना जरूरी है, नहीं तो रिफंड में देरी हो सकती है। साथ ही, ITR फाइल करने के बाद 30 दिनों के अंदर उसे ई-वेरिफाई करना जरूरी है, नहीं तो रिटर्न अमान्य माना जाएगा।