New NPS Rules 2026: नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लॉयीज के बीच इस बात को लेकर उलझन बढ़ रही है कि उनकी सैलरी पेंशन से कैसे जुड़ी है, कितना योगदान होता है और रिटायरमेंट के बाद उन्हें कितना मिलेगा। इसे स्पष्ट करने के लिए केंद्र सरकार ने एनपीएस रूल्स 2026 जारी किए हैं, जिनमें कॉन्ट्रिब्यूशंस, अकाउंट खोलने और पेंशन बेनेफिट्स के बारे में जानकारी दी गई है। बता दें कि एनपीएस से जु़ड़े नियम 1 जनवरी 2004 या उसके बाद सरकारी सेवा जॉइन करने वाले एंप्लॉयीज पर ही लागू होंगे। पुराने पेंशन सिस्टम के तहत आने वाले एंप्लॉयीज इसमें शामिल नहीं हैं।
बेसिक पे और डीए से पेंशन कॉन्ट्रिब्यूशन तय
पेंशन कॉन्ट्रिब्यूशन बेसिक पे और डीएम को मिलाकर तय किया जाता है। इसी से तय होता है कि एंप्लॉयीज और सरकार हर महीने कितना कॉन्ट्रिब्यूट करेंगे।
एंप्लॉयीज का कितना और सरकार का कितना हिस्सा?
नए नियमों के अनुसार एंप्लॉयीज की सैलरी का 10% कॉन्ट्रिब्यूट किया जाता है और सरकार 14% देती है। सरकार का यह अधिक हिस्सा लंबे समय में एंप्लॉयीज की रिटायरमेंट बचत को बड़ा बनाने में मदद करती है।
जमा में देरी होने पर किसका नुकसान?
अगर पेंशन कॉन्ट्रिब्यूशन जमा होने में देरी होती है तो यह एंप्लॉयीज की गलती नही है। नियमों के मुताबिक जितनी देर होती है, उतने समय का ब्याज दिया जाएगा। इससे सुनिश्चित किया जाता है कि प्रशासनिक चूक से रिटायरमेंट सेविंग्स को झटका न लगे।
खाता खोलना हुआ आसान और तेज
नए नियमों के तहत एनपीएस खाते को खोलने की प्रक्रिया तेज की गई है। नौकरी शुरू करते ही एनपीएस खाता खोल दिया जाएगा और एक निश्चित समय के भीतर PRAN जारी कर दिया जाएगा। कॉन्ट्रिब्यूशन भी बिना देरी के शुरू कर दिया जाएगा।
रिटायरमेंट पर क्या मिलेगा?
रिटायरमेंट के बाद पेंशन कितनी बनेगी, यह इस बात पर निर्भर करेगी कि एंप्लॉयीज के खाते में समय के साथ कितना पैसा जमा हुआ और यह बढ़कर कितना हुआ। इसमें एंप्लॉयीज का और सरकार का योगदान और उस पर मिलने वाला रिटर्न शामिल है। इस पैसे का एक हिस्सा नियमित आय यानी पेंशन के रूप में मिलेगा, जबकि बाकी पैसों को नियमों के अनुसार निकाला जा सकता है।