June 30 Deadline: जून के इस महीने की 30 तारीख इंडिविजुअल्स और कारोबारियों, दोनों के लिए भी काफी अहम है। 30 जून को कई फाइनेंशियल और टैक्स से जुड़े डेडलाइंस हैं। इस महीने के आखिरी तक एलिजिबल सब्सिडी बेनेफिशयरी के एलपीजी ई-केवाईसी रिक्वायरमेंट्स को पूरा करना है तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट 30 जून तक कुछ रिटर्न पर नोटिस जारी कर सकता है और साथ ही कारोबारियों को जीएसटी से जुड़े कंप्लायंस को 30 जून तक पूरा करन लेना है। ऐसे में 30 जून की डेडलाइन काफी अहम हो जा रही है।
सब्सिडी वाले LPG के ई-केवाईसी की डेडलाइन
जो एलपीजी ग्राहक 30 जून तक आधार से जुड़ा बॉयोमेट्रिक ई-केवाईसी तक नहीं कर पाते हैं, उन्हें अपने बैंक खाते में सीधे एलपीजी सब्सिडी मिलना बंद हो जाएगा। हालांकि एलपीजी सिलिंडर की बुकिंग पहले की ही तरह जारी रहेगी लेकिन सब्सिडी नहीं मिलेगी और सिलिंडर का पूरा पैसा देना होगा। वैसे पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि ई-केवाईसी सभी एलपीजी ग्राहकों के लिए अनिवार्य नहीं है बल्कि उन्हीं के लिए है जो प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थियों के लिए है, जिन्हें हर साल ई-केवाईसी करनी होती है; इस योजना के बाहर वाले बेनेफिशियरीज हैं, जिनका वेरिफिकेशन अभी हुआ नहीं है। जिन ग्राहकों ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में पहले ही e-KYC पूरा कर लिया है और जो प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थी नहीं हैं, उन्हें यह प्रोसेस दोबारा करने की जरूरत नहीं है।
आईटीआर स्क्रूटनी नोटिस डेडलाइन है 30 जून
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई, 2026 है, लेकिन 30 जून उन टैक्सपेयर्स के लिए अहम है जिन्होंने पहले ही अपने रिटर्न फाइल कर दिए हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के लिए एलिजिबल रिटर्न के मामले में सेक्शन 143(2) के तहत 30 जून तक स्क्रूटनी यानी बारीकी से जांच का नोटिस जारी कर सकता है। टैक्स अथॉरिटी को अगर आईटीआर और फॉर्म 26AS, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS), टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS), बैंक रिकॉर्ड या दूसरी फाइनेंशियल जानकारी में कोई अंतर यानी मिसमैच मिलता है, तो रिटर्न को स्क्रूटनी के लिए चुना जा सकता है। इसमें असामान्य तरीके से बहुत अधिक वैल्यू वाले ट्रांजैक्शन, इनकम की जानकारी देने में गड़बड़ी, री-असेसमेंट प्रॉसीडिंग्स या सर्च और सर्वे ऑपरेशंस से जुड़े मामलों को भी चुना जा सकता है।
कारोबारियों को भी पूरा करना है जीएसटी से जु़ड़ा अहम काम
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही का आखिरी दिन 30 जून है तो यह कारोबारियों के लिए अहम दिन बन जाता है। कंपनियों को जुलाई में GST, TDS और TCS रिटर्न फाइल करने की आने वाली डेडलाइन के लिए तैयारी करनी चाहिए। इसके लिए उन्हें तिमाही खत्म होने से पहले ही अपने बुक ऑफ अकाउंट्स, टैक्स कटौती और कानूनी रिकॉर्ड्स को अपडेट कर लेना चाहिए।