खेती में खर्च पहले होता है। कमाई बाद में आती है। बीज, खाद, दवा और सिंचाई के लिए किसान को समय पर पैसे चाहिए। ऐसे में बार-बार किसी से उधार लेना मुश्किल हो सकता है।
खेती में खर्च पहले होता है। कमाई बाद में आती है। बीज, खाद, दवा और सिंचाई के लिए किसान को समय पर पैसे चाहिए। ऐसे में बार-बार किसी से उधार लेना मुश्किल हो सकता है।
यहीं किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC काम आता है। इसके जरिए किसान खेती और उससे जुड़ी जरूरतों के लिए बैंक से कर्ज ले सकता है। सरकार ने KCC के तहत फसल लोन की सीमा बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी है।
किसान क्रेडिट कार्ड क्या है?
KCC को खेती के लिए बैंक की एक क्रेडिट लिमिट समझिए। बैंक किसान की जरूरत और खेती के हिसाब से एक लिमिट तय करता है। इसके बाद किसान जरूरत पड़ने पर उस लिमिट से पैसा निकाल सकता है।
इसका इस्तेमाल बीज, खाद, कीटनाशक और खेती के दूसरे खर्चों के लिए किया जा सकता है। पशुपालन, डेयरी और मछली पालन जैसी गतिविधियों के लिए भी KCC से वर्किंग कैपिटल मिल सकता है।
KCC की जरूरी बातें
| पैमाना | जानकारी |
| लोन की अधिकतम सीमा | ₹5 लाख तक |
| सामान्य ब्याज दर | 7% |
| समय पर भुगतान पर प्रभावी ब्याज | 4% तक |
| बिना जमानत कृषि लोन | ₹2 लाख तक |
| KCC की वैधता | 5 साल तक |
| इस्तेमाल | खेती, पशुपालन, डेयरी, मछली पालन आदि |
KCC पर कितना ब्याज लगता है?
KCC के तहत शॉर्ट टर्म कृषि लोन पर सामान्य रियायती ब्याज दर 7% है। अगर किसान समय पर पैसा चुका देता है, तो उसे 3% का इंसेंटिव मिल सकता है। इससे प्रभावी ब्याज दर 4% तक रह सकती है।
हालांकि, यह फायदा लोन की पात्र राशि और लागू नियमों के हिसाब से मिलता है। इसलिए बैंक से लोन लेते समय ब्याज और दूसरी शर्तें जरूर समझ लें।
KCC लेने का पूरा प्रोसेस
₹5 लाख तक का लोन कैसे मिलेगा?
सरकार ने KCC के तहत फसल लोन की सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर किसान को सीधे ₹5 लाख मिल जाएंगे।
बैंक किसान की जमीन, फसल, खेती की जरूरत और भुगतान क्षमता देखकर लिमिट तय करता है। यानी आपकी KCC लिमिट बैंक के आकलन पर निर्भर करेगी। आपने एक चक्र में लोन लिया। फिर तय समय के भीतर उसे चुकाकर नया लोन भी ले सकते हैं।
₹2 लाख तक लोन पर जमानत नहीं
छोटे किसानों के लिए एक और राहत है। ₹2 लाख तक के कृषि लोन पर आम तौर पर जमानत की जरूरत नहीं होती। इससे बैंक से कर्ज लेना आसान हो सकता है।
हालांकि, बैंक की तरफ से जरूरी दस्तावेज और दूसरी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं।
किन किसानों को KCC मिल सकता है?
खेती करने वाले किसान KCC के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें छोटे और सीमांत किसान भी शामिल हैं। बटाई पर खेती करने वाले और किरायेदार किसान भी कुछ शर्तों के तहत पात्र हो सकते हैं।
पशुपालन, डेयरी और मछली पालन से जुड़े लोग भी KCC का इस्तेमाल कर सकते हैं। पात्रता बैंक और संबंधित गतिविधि के नियमों पर निर्भर करती है।
फसल खराब हो जाए तो क्या होगा?
खेती में मौसम का जोखिम हमेशा रहता है। बाढ़, सूखा या दूसरी प्राकृतिक आपदा में फसल खराब हो सकती है। ऐसी स्थिति में सरकार और बैंक की तरफ से लागू राहत प्रावधान मिल सकते हैं।
गंभीर प्राकृतिक आपदा की स्थिति में ब्याज और लोन भुगतान को लेकर राहत दी जा सकती है। लेकिन इसके लिए संबंधित सरकारी घोषणा और बैंक के नियम लागू होते हैं।
KCC का फायदा क्या है?
KCC का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान को खेती के सीजन में समय पर पैसा मिल सकता है। इससे बीज, खाद और दवा जैसी जरूरी चीजों के लिए साहूकार से महंगे ब्याज पर पैसा लेने की जरूरत कम हो सकती है।
समय पर लोन चुकाने पर ब्याज में राहत भी मिलती है। लेकिन KCC को मुफ्त पैसा नहीं समझना चाहिए। यह बैंक का कर्ज है। इसलिए उतना ही लोन लेना बेहतर है, जितना समय पर चुकाया जा सके।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।
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