Kisan Credit Card: केंद्र सरकार किसानों की इनकम बढ़ाने के लिए तरह की योजनाएं चला रही है। सरकारी की इन्हीं योजनाओं में से एक योजना है किसान क्रेडिट कार्ड। किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये किसानों को कम दरों पर ब्याज दिया जाता है। अगर आपने भी अभी तक किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बनवाया है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। केंद्र सराकर ने एक अभियान शुरू किया है जिसका नाम केसीसी सैचुरेशन ड्राइव रखा गया है।
बैंक उन्हें 14 नवंबर तक दे देगा कार्ड
किसान अगर पशुपालन, मछली पालन या खेती से संबंधित कोई कारोबार शुरू करना चाहते हैं ते KCC के तहत लोन ले सकते हैं। यह एक शॉर्ट टर्म लोन है। केंद्र सरकार का केसीसी सैचुरेशन ड्राइव अभियानअक्टूबर महीने की 1 तारीख से शुरू हो चुका है और ये 31 अक्टूबर तक चलेगा। आप 31 अक्टूबर तक कार्ड के लिए अप्ली कर सकते हैं। बैंक उन्हें 14 नवंबर तक कार्ड बनवाकर दे देगा।
KCC के तहत किसानों को मिलता है सस्ता लोन
KCC योजना के तहत किसानों को बैंकों की तरफ से दिए जाने वाले सामान्य लोन की उच्च ब्याज दरों से छूट दी जाती है। KCC के लिए ब्याज दर 2% से कम और औसत 4% से शुरू होती है, जिससे किसानों के लिए अपना लोन चुकाना ज्यादा किफायती हो जाता है। लोन चुकाने का पीरियड भी लचीला होता है। जो फसल की कटाई के पीरियड पर निर्भर करता है, जिसके लिए लोन दिया गया था।
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए, किसानों को कुछ मानदंडों को पूरा करना होगा, जैसे कि मालिक-किसान, बटाईदार, किरायेदार किसान, या स्वयं सहायता समूह या संयुक्त देयता समूह का सदस्य होना। उन्हें फसलों के उत्पादन या संबद्ध गतिविधियों जैसे पशुपालन, या मछली पकड़ने जैसी गैर-कृषि गतिविधियों में भी शामिल होना चाहिए।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना क्या है?
KCC योजना 1998 में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) की तरफ से शुरू की गई एक सरकारी पहल है, जिसका मकसद किसानों को शॉर्ट टर्म लोन देना है।
किसान क्रेडिट कार्ड का उपयोग करने के क्या फायदे हैं?
किसान क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने के लाभों में कम ब्याज दर, फ्लेक्सिबल रिपेमेंट ऑप्शन, बीमा कवरेज, और दूसरे लाभ जैसे सेविंग्स अकाउंट और स्मार्ट कार्ड और डेबिट कार्ड पर आकर्षक ब्याज दर शामिल हैं।