इस म्यूचुअल फंड ने 7 साल में ₹10000 के निवेश को करीब ₹40000 बना दिया

Kotak Pioneer Fund में अगर आपने इसके शुरू होने के वक्त 10,000 रुपये का निवेश किया होता तो आपका पैसा बढ़कर 37,706 रुपये (30 सितंबर, 2026 को) हो गया होता। यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करती हैं जो टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट्स, प्रोसेसेज, डिस्ट्रिब्यूशन और बिजनेस मॉडल में इनोवेशन का इस्तेमाल करती हैं

अपडेटेड Oct 22, 2026 पर 7:47 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
कोटक पायोनियर फंड ने पांच साल की अवधि में 13.31 फीसदी रिटर्न दिया है।

म्यूचुअल फंड की कई स्कीमें ऐसी हैं, जिन्होंने निवेशकों का पैसा कई गुना किया है। इसमें कोटक पायनियर फंड शामिल है। इस फंड की शुरुआत अक्तूबर 2019 में हुई थी। शुरुआत से अब तक इसने 20.97 फीसदी कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) से रिटर्न दिया है। इस दौरान इस फंड के बेंचमार्क का रिटर्न 16.53 फीसदी सीएजीआर रहा।

बेंचमार्क के मुकाबले ज्यादा रिटर्न 

Kotak Pioneer Fund में अगर आपने इसके शुरू होने के वक्त 10,000 रुपये का निवेश किया होता तो आपका पैसा बढ़कर 37,706 रुपये (30 सितंबर, 2026 को) हो गया होता। इसके बेंचमार्क में निफ्टी 500 टीआरआई का 85 फीसदी और MSCI ACWI इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंडेक्स टीआरआई का 15 फीसदी शामिल है।


पांच साल में सालाना 13 फीसदी रिटर्न

इस अवधि में निफ्टी 500 टीआरआई का रिटर्न 11.13 फीसदी सीएजीआर रहा। इस रेट से 10,000 रुपये बढ़कर 7 साल में 20,871 रुपये हुआ होता। कोटक पायोनियर फंड ने पांच साल की अवधि में 13.31 फीसदी रिटर्न दिया है। तीन साल की अवधि में इसका सालाना रिटर्न 18.84 फीसदी रहा है।

यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम

कोटक पायोनियर फंड एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करती हैं जो टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट्स, प्रोसेसेज, डिस्ट्रिब्यूशन और बिजनेस मॉडल में इनोवेशन का इस्तेमाल करती हैं। इस फंड के पोर्टफोलियो में कई सेक्टर और कम या ज्यादा मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनियां शामिल हैं।

इस फंड का एयूएम 4294 करोड़

इस साल 30 सितंबर को इस फंड का 17.20 फीसदी निवेश विदेशी म्यूचुअल फंडों में था। इससे इस फंड को विदेश के स्टॉक एक्सेचेंजों के रिटर्न का फायदा उठाने का मौका मिलता है। इस फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 4,294 करोड़ रुपये है। इस फंड का रिटर्न अलग-अलग टाइम फ्रेम में भी अच्छा रहा है।

यह भी पढ़ें: FD Calculator: ₹1.5 करोड़ के FD पर 5 साल में कितना ब्याज मिलेगा? 6%, 7% और 7.5% पर समझें गणित

निवेश करने से पहले ये बातें जान लें

एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी फंड के पिछले रिटर्न को देखकर उसमें निवेश का फैसला करना समझदारी नहीं है। इसकी वजह यह है कि किसी फंड का पिछला रिटर्न भविष्य में उसके अच्छे प्रदर्शन की गारंटी नहीं होता। इनवेस्टर्स को फंड के रिस्क प्रोफाइल, पोर्टफोलियो में शामिल शेयर अपने फाइनेंशियल गोल के आधार पर निवेश का फैसला लेना चाहिए।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।