क्या आपको KYC डिटेल अपडेट से जुड़ी किसी बैंक की कॉल आई है या एसएमएस मिला है? कई लोगों को बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस की कॉल आ रही हैं या एसएमएस मिल रहे हैं। इनमें उनसे केवायसी कंप्लायंस के लिए पर्सनल डिटेल मांगी जा रही है। ये सभी कॉल और एसएमएस फर्जी हैं। Rubix Data Science के फाउंडर कौशल संपत ने बताया कि ऐसी कॉल और एसएमएस से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि ये फर्जी हैं। RBI को इस महीने केवायसी अपडेशन की आड़ में फ्रॉड के मामलों की कई शिकायत मिली हैं। इसके बाद आरबीआई इस बारे में विज्ञापन और मैसेजिंग के के जरिए लोगों को सावधान रहने को कह रहा है।
व्यक्ति को बैंक अकाउंट बंद हो जाने की चेतावनी दी जाती है
संपत ने कहा, "केवायसी फ्रॉड का तरीका चाहे जो है, इसमें ग्राहकों को डराया जाता है। फिर उनसे उनकी व्यक्तिगत जानकारियां मांगी जाती है। लॉग-इन आईडी तक मांगा जाता है।" उन्होंने कहा कि व्यक्ति के बारे में संवेदनशील जानकारियां मिलते ही स्कैमर्स ग्राहक के बैंक या इनवेस्टमेंट अकाउंट में सेंध लगाते हैं। वे अनअथॉराइज्ड ट्रांजेक्शन करते हैं। ज्यादातर मामलों में स्कैमर्स खुद को बैंक एंप्लॉयीज की तरह पेश करते हैं। वे ग्राहक को बताते हैं कि पर्सनल डिटेल नहीं देने पर उनका अकाउंट फ्रीज हो सकता है।
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बैंक की वेबसाइट की तरह दिखने वाली फर्जी वेबसाइट का इस्तेमाल
उन्होंने कहा कि दूसरा तरीका फिशिंग है। इसमें फ्रॉड करने वाले पहले ग्राहक का भरोसा हासिल करते हैं। फिर उससे यूजर नेम, पासवर्ड्स और क्रेडिट कार्ड की डिटेल ले लेते हैं। ग्राहक को फेक वेबसाइट या ऐप का इस्तेमाल करने को कहा जाता है, जो बैंक की वेबसाइट की तरह दिखते हैं। इससे ग्राहक को संदेह नहीं होता। ग्राहक उस साइट पर अपनी जानकारियां डालता है। इससे वे फ्रॉड करने वालों तक पहुंच जाती हैं।
ग्राहक को खास ऐप डाउनलोड करने को कहा जाता है
फ्रॉड का तीसरा तरीका आइडेंटिटी थेफ्ट है। इसमें फ्रॉड करने वाले ग्राहक की पर्नसल इंफॉर्मेशन चुरा लेते हैं। इनमें आधार संख्या, पैन नंबर आदि शामिल हैं। चौथा तरीका स्मिशिंग (Smishing) है। यह शब्द फिशिंग और एसएमएस से मिलकर बना है। संपत ने बताया कि इसमें टैक्स्ट मैसेज के जरिए ग्राहक से संपर्क किया जाता है। उसे अपने स्मार्टफोन में खास ऐप डाउनलोड करने को कहा जाता है।
फ्रॉड से बचने के लिए अपनाएं ये तरीके
ऐसे फ्रॉड से बचने के लिए आपको जागरूक रहना बहुत जरूरी है। संपत ने कहा कि सबसे पहले तो आपको किसी तरह की व्यक्तिगत जानकारी फोन या एसएमएस के जरिए दूसरों को नहीं देनी है। आपको अपने फोन में ऐसा कोई ऐप डाउनलोड नहीं करना है, जिसके बारे में आप नहीं जानते हैं। दूसरा, अगर आपको केवायसी अपडेट का कोई रिक्वेस्ट मिलता है तो आपको यह चेक करना है कि इसे किसने भेजा है। पासवर्ड, पिन, ओटीपी किसी को शेयर नहीं करना है।