Leave Encashment Rules: जब आप किसी कंपनी में काम करते हैं तो उसके बदले आपको कुछ तय छुट्टियां मिलती है। ये छुट्टियां साल भर के लिए मिलती है। अगर आप इन छुट्टियों का इस्तेमाल नहीं करते है तो उसमें से कुछ छुट्टियां यानी PL (Privilege Leave) अगले साल कैरी फॉर्वर्ड हो जाती है। कई कंपनियां इन छुट्टियों के बदले पैसे भी देती है, इसे ही Leave Encashment कहते हैं। हालांकि, सभी कंपनियों में पहले से ही छुट्टियों के बारे में बता दिया जाता है। हर एक कंपनी के छुट्टियों और Leave Encashment को लेकर नियम अलग होते है। अगर आप नौकरी करते हैं तो यहां आपको Leave Encashment के नियम बता रहे हैं।
अधिकतम 30 छुट्टियों के बदले मिल सकता है कैश
ज्यादातर कंपनियों में अधिकतम 30 छुट्टी के बदले ही कैश मिलता है। हालांकि, इस पर हर एक कंपनी के अपने नियम होते हैं। कुछ कंपनियों में छुट्टियों के बदले कैश साल के अंत में दे दिया जाता है। वहीं, कुछ कंपनिया कर्मचारी के नौकरी छोड़ने पर कैश इन छुट्टियों के बदले देती है। कई कंपनियां इन छुट्टियों को कर्मचारी के नोटिस पीरियड के साथ एडजस्ट कर देती है। मतलब अगर 60 दिन का नोटिस पीरियड है तो आप कुछ दिन कम नोटिस पीरिड सर्व कर सकते हैं। कई कंपनियों में छुट्टी अगले साल कैरी फॉरवर्ड नहीं करती। मतलब साल शुरू होने पर फिर छुट्टियों का नया खाता शुरू हो जाता है।
बेसिक सैलरी और DA के आधार पर होता है पेमेंट
अगर आपको लगाता है कि लीव इनकैशमेंट में पूरी सैलरी मिलती है तो ऐसा नहीं है। Leave Encashment में कर्मचारियों को बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA) ही मिलता है। उसी के हिसाब से पैसा मिलता है। कंपनियां कर्मचारी से अच्छा काम कराने की मंशा से सैलरी में ऐसे बेनेफिट्स को जोड़ती है लेकिन कानूनन ये Leave Encashment का नियम अनिवार्य नहीं है।
इन छुट्टियों पर मिलता है Leave Encashment
संगठित सेक्टर में कंपनियां कर्मचारियों को Privilege Leave, Casual Leave, Earned Leave, Sick leave देती है। इनमें से Privilege leave को छोड़कर बाकी सभी कैलेंडर ईयर खत्म होने पर खत्म हो जाती है। सिर्फ PL ही कैरी फॉर्वर्ड होती हैं। इन्हीं पर Leave Encashment मिलता है। हालांकि, हर एक कंपनी के नियम अलग होते हैं।