कई लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों ने IRDAI से सरेंडर चार्ज (Surrender Charge) से संबंधित कुछ प्रावधानों को वापस लेने की गुजारिश की है। बीमा नियामक ने दिसंबर में प्रोडक्ट रेगुलेशंस पर ड्राफ्ट जारी किया था। इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह बताया। 5 फरवरी को बीमा नियामक के साथ हुई बैठक में कुछ कंपनियों ने सरेंडर चार्ज से संबंधित प्रावधानों में रियायत देने की मांग की। दिसंबर में पेश ड्राफ्ट में कहा गया है कि अगर पॉलिसीहोल्डर तय अवधि से पहले लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी सरेंडर करता है तो उसे कम सरेंडर चार्ज चुकाना होगा। इसका मतलब है कि बीमा कंपनी को उसे तब तक चुकाए गए ज्यादातर प्रीमियम का भुगतान करना होगा। लाइफ इंश्योरेंस के मामले में सरेंडर चार्ज का मतलब उस चार्ज से है, जो पॉलिसीहोल्डर को तय समय से पहले पॉलिसी बंद करने पर चुकाना पड़ता है।
