मार्च का महीना लिक्विड फंडों (Liquid Funds) के लिए बहुत अहम है। अगर किसी इनवेस्टर के पास सरप्लस पैसे हैं, जिसे वह शॉर्ट टर्म यानी कुछ हफ्तों के लिए इनवेस्ट करना चाहता है तो लिक्विड फंड सही ऑप्शन है। मार्च की शुरुआत से फाइनेंशियल सिस्टम में लिक्विटी घटनी शुरू हो जाती है। इससे शार्ट टर्म रेट बढ़ने लगते हैं। यह लिक्विड फंडों में निवेश करने वाले लोगों के लिए फायदेमंद है। पिछले एक साल में लिक्विड स्कीमों की यील्ड-टू-मैच्योरिटी (YTM) बढ़ी है। ACE MF के मुताबिक, लिक्विड फंडों की एवरेज यील्ड टू मैच्योरिटी 31 जनवरी, 2023 को बढ़कर 6.82 फीसदी पर पहुंच गई थी। एक साल पहले यह 3.67 फीसदी थी।
