जुलाई शुरू होते ही रसोई गैस (LPG) के नियमों में बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। इन नए नियमों के तहत अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी के लिए ओटीपी और डीएसी वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही ई-केवाईसी के नियमों को सख्त किया गया है, सब्सिडी की पात्रता में संशोधन किया गया है और पीएनजी कनेक्शन से जुड़े कुछ नए नियम भी पेश किए गए हैं। आइए जानते हैं इन सभी महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में विस्तार से।
1- सिलेंडर डिलीवरी के लिए OTP वेरिफिकेशन हुआ अनिवार्य
हमारे सहयोगी सीएनबीसी टीवी 18 वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, अब एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के लिए ओटीपी वेरिफिकेशन पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है। जैसे ही कोई ग्राहक सिलेंडर बुक करेगा, उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। सिलेंडर की डिलीवरी के समय यह ओटीपी डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के साथ शेयर करना अनिवार्य होगा। अगर सफल ओटीपी वेरिफिकेशन नहीं होता है तो ग्राहक को सिलेंडर नहीं सौंपा जाएगा, भले ही उसके पास बुकिंग रसीद क्यों न हो। सरकार का यह कदम गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
2- उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए e-KYC बेहद जरूरी
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए अब अपनी एलपीजी सब्सिडी जारी रखने के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य हो गया है। जिन लाभार्थियों ने 30 जून 2026 की समय सीमा तक इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है, उन्हें अब सब्सिडी का भुगतान नहीं मिल सकेगा। यह सब्सिडी सीधे उनके लिंक किए गए बैंक खाते में जमा की जाती है। पहले सरकार द्वारा सालाना अधिकतम 9 एलपीजी सिलेंडरों पर 300 रुपये की सब्सिडी दी जाती थी। मध्य पूर्व में चल रही अस्थिरता का हवाला देते हुए जून 2026 से इस सब्सिडी को सीमित कर दिया गया है। अब लाभार्थियों को साल में केवल 4 सिलेंडरों पर ही सब्सिडी मिलेगी।
3- अनिवार्य हुआ DAC वेरिफिकेशन, मिलेगा डिजिटल कैश मेमो
एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी के दौरान अब डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) भी अनिवार्य कर दिया गया है। ग्राहकों को डिलीवरी एग्जीक्यूटिव को यह डीएसी कोड देना होगा। सफल वेरिफिकेशन के बाद ही डिलीवरी की प्रक्रिया को पूरा माना जाएगा। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे इस कोड को किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें। जैसे ही डिलीवरी की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो जाएगी, ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक डिजिटल कैश मेमो भेजा जाएगा। इस डिजिटल मेमो में सिलेंडर की कीमत, भुगतान का विवरण, डिलीवरी की तारीख और अन्य आवश्यक जानकारियां शामिल होंगी।
4- PNG और LPG दोनों इस्तेमाल करने वालों के लिए नए नियम
ऐसे परिवार जिनके पास एक्टिव पीएनजी (PNG) कनेक्शन है और वे साथ में एलपीजी सिलेंडर का भी उपयोग कर रहे हैं, उनके लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को अपना पीएनजी कनेक्शन एक्टिव रखना होगा और 30 दिनों के भीतर अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर (वापस) करना होगा। सिलेंडर सरेंडर करने के बदले उपभोक्ताओं को एक ट्रांसफर वाउचर दिया जाएगा। इस वाउचर का उपयोग वे भविष्य में दोबारा एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए कर सकेंगे। अगर वे किसी ऐसे क्षेत्र में शिफ्ट होते हैं जहां पीएनजी सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
पीएनजी बिल भुगतान न करने पर कटेगा कनेक्शन, लगेगा जुर्माना
इसके साथ ही साथ पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए बिल भुगतान को लेकर भी कड़े नियम बनाए गए हैं। अगर कोई उपभोक्ता लगातार दो महीनों तक अपने पीएनजी बिल का भुगतान करने में विफल रहता है तो उसका कनेक्शन काट दिया जा सकता है। सभी बकाया राशि का भुगतान करने के बाद ही सेवा को दोबारा बहाल किया जाएगा। अगर जांच में यह पाया जाता है कि किसी उपभोक्ता ने जानबूझकर पीएनजी पाइपलाइन या उसके वॉल्व को नुकसान पहुंचाया है तो मरम्मत का पूरा खर्च खुद उपभोक्ता को ही उठाना होगा।