क्या आपके घर में पाइप गैस (PNG) भी है और LPG सिलेंडर दोनों का इस्तेमाल हो रहा है? अब आपने यह काम नहीं किया, तो मुसीबत में फंस सकते हैं। अगर आप गैस पाइपलाइन का इस्तेमाल करते हैं तो एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा। अब ये दोनों सर्विस आपको एक साथ नहीं मिल सकती। सरकार ने एक घर, एक गैस कनेक्शन नियम को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है। ऐसे घरों की पहचान की जा रही है जहां दोनों सुविधाएं एक साथ चल रही हैं। नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई भी हो सकती है।
सरकार का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से गैस सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे में जरूरतमंद लोगों तक LPG पहुंचाने और कालाबाजारी रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने Essential Commodities Act के तहत नियमों में बदलाव किया है। अब जिन घरों में PNG कनेक्शन मौजूद है, वहां सब्सिडी वाला घरेलू LPG सिलेंडर रखने की अनुमति नहीं होगी। सरकार ने तेल कंपनियों और गैस एजेंसियों को साफ निर्देश दिए हैं कि PNG वाले घरों को नया LPG कनेक्शन न दिया जाए और सिलेंडर रिफिल भी रोक दिया जाए।
कैसे पकड़े जाएंगे ग्राहक?
सरकार डेटा ट्रैकिंग और रिकॉर्ड मिलान के जरिए ऐसे घरों की पहचान कर रही है जहां PNG और LPG दोनों का इस्तेमाल हो रहा है। दिल्ली समेत कई शहरों में इस पर तेजी से काम शुरू हो चुका है। अब तक करीब 43,000 लोगों ने खुद अपना LPG कनेक्शन सरेंडर कर दिया है, लेकिन सरकार को शक है कि ऐसे ग्राहकों की संख्या कहीं ज्यादा है।
भारत अपनी LPG और गैस जरूरतों के लिए काफी हद तक विदेशों पर निर्भर है। देश का बड़ा हिस्सा सऊदी अरब और UAE जैसे देशों से आता है। हाल में ईरान-इजरायल तनाव और Strait of Hormuz जैसे समुद्री रास्तों पर असर की वजह से गैस सप्लाई पर असर पड़ा है। इसी कारण सरकार घरेलू संसाधनों का इस्तेमाल ज्यादा सावधानी से करना चाहती है।
सिर्फ घर नहीं, कारोबार पर भी पड़ा असर
गैस की कमी का असर होटल, रेस्टोरेंट और इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा है। कई जगहों पर LPG सप्लाई कम होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। यही वजह है कि सरकार नए LPG कनेक्शन जारी करने में भी सख्ती बरत रही है।
अगर आपके घर में दोनों कनेक्शन हैं, तो नियमों की जानकारी तुरंत लें। आने वाले दिनों में जांच और सख्त हो सकती है। ऐसे में समय रहते सही फैसला लेना जरूरी है, वरना आपका LPG कनेक्शन बंद होने के साथ दूसरी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।