Market outlook : भारतीय शेयर बाज़ार में बिकवाली का दौर शुक्रवार,24 अप्रैल को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। आज सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही 1% से ज़्यादा टूट कर बंद हुए। कारोबारी सेशन के अंत में सेंसेक्स 1,000 अंक या 1.29% गिरकर 76,664 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 275 अंक या 1.14% गिरकर 23,898 पर बंद हुआ है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.96 फीसदी गिरा है। जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.87 फीसदी नीचे बंद हुआ है।
निफ्टी Infosys, TCS, Tech Mahindra और HCL Tech सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। वहीं Coal India, Trent और Hindalco इस इंडेक्स में सबसे ज़्यादा बढ़ने वाले शेयरों में शामिल रहे, निफ्टी 50 इंडेक्स में कुल 38 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
इक्विरस वेल्थ (Equirus Wealth) के MD और बिज़नेस हेड अंकुर पुंज ने कहा कि बाज़ार में लगातार तीसरे सत्र में गिरावट देखने को मिली। कमज़ोर ग्लोबल और घरेलू फैक्टर्स के मिले-जुले असर से बाज़ार का रुख मंदी वाला बना रहा,जिसके चलते दोनों मेन इंडेक्स अहम स्तरों से नीचे बंद हुए। जहां एक ओर ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता में कोई प्रगति न होने से भारत समेत वैश्विक बाज़ारों में अनिश्चितता बढ़ी,वहीं दूसरी ओर IT कंपनियों के मिलेजुले नतीजों के चलते घरेलू बाज़ारों में बड़े पैमाने पर बिकवाली देखने को मिली। भारतीय रुपये में आई तेज गिरावट,FII की निकासी में बढ़त और कच्चे तेल की कीमतों में फिर से आई तेजी ने निवेशकों के भरोसे को भी चोट पहुंचाई।
27 अप्रैल को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह ने कहा कि आगे Nifty के लिए तत्काल सपोर्ट 23600-23550 के दायरे दिख रहा है। इस दायरे से नीचे कोई भी टिकाऊ गिरावट Nifty की कमजोरी को 23350 तक बढ़ा सकती है,जिसके बाद कम समय में यह 23150 तक फिसल सकता है। दूसरी ओर, 24200–24250 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड,वेल्थ मैनेजमेंट सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि आगे बाजार में कंसोलीडेशन की संभावना है। निवेशक पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों पर नजर बनाए रखेंगे। इसके चलते बाजार का रुख सतर्क बना रहेगा। अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर जारी अनिश्चितताके साथ ही होर्मुज़ स्ट्रेट में पैदा हुई बाधाओं के चलते कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं और जोखिम लेने की निवेशकों की इच्छा कमज़ोर पड़ गई है। जियोपोलिटिकल फ्रंट पर कोई खास प्रगति की कमी से एनर्जी की कीमतों,रुपये और इक्विटी बाजारों पर दबाव बने रहने की उम्मीद है। रिलायंस इंडस्ट्रीज,एक्सिस बैंक,IDFC फर्स्ट बैंक, RBL बैंक, Avantel और दूसरी कंपनियों के आने वाले नतीजों से शेयर बाजार में हलचल बढ़ने की उम्मीद है। बाजार नतीजों के हिसाब से प्रतिक्रिया दे सकता है।
सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी अपने 100 डे मूविंग एवरेज से ऊपर टिक नहीं पाया और 21 अप्रैल को दर्ज किए गए अपने हाल के हाई 57456 से लगभग 2.5% नीचे आ गया है। इंडेक्स 0.38% की गिरावट के साथ 56090 पर बंद हुआ। MACD हिस्टोग्राम बार का सिकुड़ना बुलिश मोमेंटम के कमजोर होने का और भी साफ संकेत है। बाजार पर मंदड़िए धीरे-धीरे हावी हो रहे हैं।
आगे चलकर बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 55500-55400 के दायरे में होगा। इस दायरे से नीचे कोई भी टिकाऊ चाल इंडेक्स की कमजोरी को 55000 की ओर बढ़ा सकती है,जिसके बाद शॉर्ट टर्म में यह 54500 तक भी जा सकता है। दूसरी ओर 56500–56600 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है।
LKP सिक्योरिटीज में टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी में 'राइजिंग वेज पैटर्न'से ब्रेकडाउन के बाद बिकवाली का दबाव देखने को मिला। ये शॉर्ट-टर्म कमजोरी का संकेत है। इंडेक्स ने हाल ही में अपने 'स्विंग लो' को टेस्ट किया। हालाँकि,RSI पर एक 'पॉजिटिव डाइवर्जेंस'संभावित पुल बैक का संकेत देता है। मौजूदा प्राइस एक्शन में तेज गिरावट के बाद एक 'कंसोलिडेशन फेज' दिखाई दे रहा है।
नियर टर्म में बैंक निफ्टी के 55,800 से 57,000 के स्तरों के बीच ट्रेड करने की संभावना है। अहम लेवल्स की बात करें तो इसके लिए 55,800 का स्तर तत्काल सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है। जबकि 57,000 का स्तर किसी भी तेजी के लिए एक अहम रेजिस्टेंस ज़ोन बना रहेगा।
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