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18 साल से अलग रहने के बाद भी पति को नहीं मिला पत्नी से तलाक! HC ने दिया मानसिक बीमारी पर अहम फैसला

पत्नी को मानसिक बीमारी के आधार पर पति को डिवोर्स नहीं मिल सकता। 18 साल अपनी वाइफ से अलग रहने के बाद भी कोर्ट ने पति को डिवोर्स नहीं लेने दाय। पटना हाई कोर्ट ने 7 अप्रैल 2025 को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि सिर्फ यह कहना कि पत्नी को मानसिक बीमारी (स्किजोफ्रेनिया) है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 12, 2025 पर 7:13 PM
18 साल से अलग रहने के बाद भी पति को नहीं मिला पत्नी से तलाक! HC ने दिया मानसिक बीमारी पर अहम फैसला
18 साल अपनी वाइफ से अलग रहने के बाद भी कोर्ट ने पति को डिवोर्स नहीं लेने दिया।

पत्नी को मानसिक बीमारी के आधार पर पति को डिवोर्स नहीं मिल सकता। 18 साल अपनी वाइफ से अलग रहने के बाद भी कोर्ट ने पति को डिवोर्स नहीं लेने दाय। पटना हाई कोर्ट ने 7 अप्रैल 2025 को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि सिर्फ यह कहना कि पत्नी को मानसिक बीमारी (स्किजोफ्रेनिया) है, तलाक का आधार नहीं बन सकता। कोर्ट ने साफ किया कि मानसिक बीमारी की गंभीरता को साबित करना जरूरी है। यह मामला एक ऐसे पति का है जो 2005 में शादी के बाद करीब 1 साल 11 महीने ही पत्नी के साथ रह पाया और 2007 से दोनों अलग-अलग रह रहे हैं।

पति ने लगाया मानसिक बीमारी और हिंसा का आरोप

पति का आरोप था कि उसकी पत्नी मानसिक रूप से बीमार है और अक्सर उसे मारती थी, कभी-कभी चम्मच और चाकू से भी हमला करती थी। उसने कहा कि शादी से पहले लड़की के माता-पिता ने यह बात छिपाई। पति ने यह भी कहा कि शादी के दो साल में वह कभी भी पत्नी के साथ सामंजस्य नहीं बिठा पाया।

पत्नी ने कहा – मैं मानसिक रूप से स्वस्थ हूं, साथ रहना चाहती हूं

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