PPF Account: बच्चों के नाम PPF खाते में जमा करने जा रहे हैं पैसे? जान लें ₹1.5 लाख की कंबाइंड लिमिट का नियम, वरना होगा नुकसान

Minor Child PPF Account Limit Rules: अक्सर माता-पिता यह सोच लेते हैं कि बच्चे के पीपीएफ खाते में अलग से ₹1.5 लाख जमा करने की छूट मिलती है, लेकिन आयकर नियमों के अनुसार ऐसा बिल्कुल नहीं है। अपने और बच्चे के पीपीएफ खाते को मिलाकर हर वित्तीय वर्ष में जमा की जाने वाली राशि की कंबाइंड लिमिट ₹1.5 लाख तय की गई है

अपडेटेड Aug 16, 2026 पर 2:45 PM
जानें क्या माता-पिता दोनों बच्चे के PPF खाते में ₹1.5-1.5 लाख जमा कर सकते हैं?

PPF Account Limit for Minor Child: क्या आप भी अपने बच्चे के सुरक्षित भविष्य, उच्च शिक्षा या शादी के लिए उसके नाम से पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) खाता खोलने की योजना बना रहे हैं? अगर हां, तो आपको इनकम टैक्स और पीपीएफ से जुड़ा एक बेहद अहम नियम जरूर जान लेना चाहिए।

अक्सर माता-पिता यह सोच लेते हैं कि बच्चे के पीपीएफ खाते में अलग से ₹1.5 लाख जमा करने की छूट मिलती है, लेकिन आयकर नियमों के अनुसार ऐसा बिल्कुल नहीं है। अपने और बच्चे के पीपीएफ खाते को मिलाकर हर वित्तीय वर्ष में जमा की जाने वाली राशि की कंबाइंड लिमिट ₹1.5 लाख तय की गई है। आइए समझते हैं इस नियम का पूरा गणित आसान भाषा में।

क्या माता-पिता दोनों बच्चे के PPF खाते में ₹1.5-1.5 लाख जमा कर सकते हैं?


जवाब है: बिल्कुल नहीं। पीपीएफ के नियमों के अनुसार, एक वित्तीय वर्ष में माता-पिता और उनके नाबालिग बच्चे के सभी पीपीएफ खातों को मिलाकर कुल जमा राशि ₹1.5 लाख से अधिक नहीं हो सकती।

अगर माता बच्चे के पीपीएफ खाते में ₹1 लाख जमा करती हैं, तो पिता उसी वित्तीय वर्ष में उस खाते में केवल ₹50,000 ही जमा कर सकते हैं। अगर माता और पिता दोनों अलग-अलग ₹1.5 लाख (कुल ₹3 लाख) जमा कर देते हैं, तो यह पीपीएफ नियमों का उल्लंघन होगा और अतिरिक्त पैसे पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा।

अगर माता-पिता का खुद का भी PPF खाता हो तो क्या नियम है?

अगर आपका खुद का पीपीएफ खाता है और आप अपने नाबालिग बच्चे का भी पीपीएफ खाता चला रहे हैं, तो ₹1.5 लाख की यह सीमा दोनों खातों पर संयुक्त रूप से लागू होती है।

अगर आप अपने खुद के पीपीएफ खाते में साल भर में ₹1 लाख डालते हैं, तो आप अपने बच्चे के पीपीएफ खाते में अधिकतम ₹50,000 ही जमा कर पाएंगे। बच्चे का पीपीएफ अकाउंट आपके लिए अलग से टैक्स छूट की अतिरिक्त ₹1.5 लाख की लिमिट नहीं खोलता है।

केरल हाई कोर्ट का अहम फैसला: बच्चा 18 साल का हो जाए तो क्या करें?

नाबालिग के पीपीएफ खाते से जुड़े नियमों को समझना कितना जरूरी है, इसका उदाहरण केरल हाई कोर्ट के एक मामले से मिलता है। एक मां ने 1999 में अपने बच्चों के नाम पीपीएफ खाता खोला और बच्चों के 18 साल (बालिग) होने के बाद भी (2005 और 2007 तक) उसमें पैसे जमा करती रहीं।

अदालत ने नियमों और अकाउंट स्टेटमेंट की जांच करते हुए फैसला सुनाया कि बच्चा जब बालिग (Major) हो जाता है, तो खाते का स्टेटस बदल जाता है। बच्चा 18 वर्ष का होते ही उसके पीपीएफ खाते को उसके नाम पर स्वतंत्र रूप से ट्रांसफर कराना जरूरी है, जिसके बाद वह अपनी अलग ₹1.5 लाख की सीमा का हकदार होता है।

टैक्स लाभ और ब्याज से जुड़ी जरूरी बातें

Section 80C की छूट: पीपीएफ में जमा की गई राशि पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। हालांकि, यह छूट केवल ₹1.5 लाख की कुल सीमा तक ही सीमित रहती है।

टैक्स-फ्री ब्याज: पीपीएफ पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट पूरी तरह से टैक्स-फ्री (EEE कैटगरी) होता है।

अतिरिक्त पैसे पर नुकसान: अगर आप गलती से कंबाइंड लिमिट से ज्यादा पैसा जमा कर देते हैं, तो नियम से ज्यादा जमा की गई राशि पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा और वह पैसा बिना किसी लाभ के वापस कर दिया जाएगा।

माता-पिता के लिए काम की सलाह

अपने बच्चे के नाम पीपीएफ खाता खोलना एक बेहतरीन वित्तीय फैसला है, लेकिन पैसे जमा करते समय अपने और बच्चे के खाते के कुल डिपॉजिट का ट्रैक रिकॉर्ड रखें। हर वित्तीय वर्ष में दोनों खातों का कुल योगदान ₹1.5 लाख के अंदर ही रखें ताकि आपको टैक्स नियमों और ब्याज का पूरा फायदा बिना किसी परेशानी के मिल सके।

डिस्क्लेमर: यह खबर पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) नियमों और आयकर अधिनियम के प्रावधानों पर आधारित है। पीपीएफ खाते से जुड़े किसी भी बड़े वित्तीय फैसले या टैक्स प्लानिंग से पहले अपने टैक्स सलाहकार या वित्तीय विशेषज्ञ की राय जरूर लें।

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