फर्जी Ration Card पर चली सरकार की कैंची, 5.8 करोड़ राशन कार्ड हुए रद्द, कहीं इसमें आप भी तो नहीं

Ration Card PDS System: सरकार ने फर्जी Ration Card धारक पर बड़ी करवाई की है। मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया क‍ि कुल स‍िस्‍टम से 5.8 करोड़ नकली राशन कार्ड हटाए गए हैं। अभी इसकी संख्या और बढ़ सकती है क्यों कि अभी सभी राशन कार्डों का आधार कार्ड से मिलान नहीं किया जा सका है

अपडेटेड Nov 23, 2024 पर 3:20 PM
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स‍िस्‍टम से 5.8 करोड़ नकली राशन कार्ड हटाए गए हैं। अभी इसकी संख्या और बढ़ सकती है ।

Fake Ration Card Update: चाहे बात हो कोविड महामारी की या फिर उसके बाद, लोगों को राशन कार्ड पर सरकार की तरफ से मिलने वाले मुफ्त राशन का बहुत लाभ मिला है। लेकिन कुछ लोगों ने इसका गलत इस्तेमाल भी किया है। अब उन सभी फर्जी Ration Card धारकों पर सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय खाद्य मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक कार्ड के सत्यापन के माध्यम से देशभर में 5.8 करोड़ राशन कार्ड फर्जी पाए गए हैं।

मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक पब्‍ल‍िक ड‍िस्‍ट्रीब्‍यूशन स‍िस्‍टम (PDS) में काफी बदलाव किए गए हैं। सभी Ration Card को डिजिटलाइजेशन किया गया है। वहीं मंत्रालय ने बताया कि राशन कार्डों के सत्यापन के लिए उनका आधार कार्ड से मिलान के साथ ही केवाईसी यानी ग्राहक की पहचान करने की प्रक्रिया का भी पालन किया गया है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली का डिजिटलीकरण से हुआ फायदा


सरकार ने बताया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली(PDS) को डिजिटलीकरण करने से फर्जी कार्ड धारकों को हटाया जा सका है। मंत्रालय की तरफ से द‍िये गए बयान में बताया गया क‍ि 80.6 करोड़ लाभार्थियों को सर्व‍िस देने वाले पीडीएस स‍िस्‍टम में सुधार के तहत आधार के जरिये सत्यापन और इलेक्ट्रॉनिक रूप से ई-केवाईसी (E-KYC) की व्यवस्था से 5.8 करोड़ नकली राशन कार्ड हटाए जा सके हैं।

मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इन प्रयासों से वितरण प्रणाली में हो रही गड़बड़ी को बहुत हद तक कम कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक करीब सभी 20.4 करोड़ राशन कार्ड को डिजिटल कर दिया गया है। इनमें से 99.8 प्रतिशत आधार से जुड़े हैं और 98.7 प्रतिशत लाभार्थियों की पहचान का सत्यापन बायोमेट्रिक के जर‍िये किया गया है।

98 प्रतिशत अनाज का वितरण आधार से हो रहा

केंद्रीय खाद्य मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक देशभर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली(PDS) की दुकानों पर ई-पीओएस (E-POS) इक्‍युपमेंट लगाये गये हैं जिसके जरिए अनाज वितरण के समय लाभार्थियों का सत्यापन किया जा रहा है। ये व्यवस्था सही व्यक्ति को राशन मिले इसलिए शुरू की गई है। मंत्रालय ने कहा, ‘आज कुल अनाज में से करीब 98 प्रतिशत अनाज के वितरण में आधार के जरिये सत्यापन का यूज किया जा रहा है।" सरकार का मानना है कि इससे फर्जी लोगों को सिस्टम से बाहर करने में बड़ी सहायता मिली है।

64 प्रतिशत राशन कार्ड का ही हुआ है वेर‍िफ‍िकेशन

राशन प्रणाली में आधार कार्ड के जरिए फर्जी राशन कार्ड धारकों को बाहर निकालने की प्रकिया पूरी नहीं हुई है। ई-केवाईसी के जरिए अभी सिर्फ 64 प्रतिशत कर्डों का सत्यापण हो पाया है। शेष लाभार्थियों के कार्डों के वेर‍िफ‍िकेशन का काम अभी जारी है। इसकी आशंका है कि अभी कुछ और फर्जी राशन कार्ड हो सकते हैं। वेर‍िफ‍िकेशन पूरा होने तक फर्जी राशन कार्ड की संख्या और बढ़ सकती है।

वहीं सरकार मंत्रालय ने समय से खाद्यान की आपूर्ति को लेकर कहा है कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने खाद्य आपूर्ति की वास्तविक समय पर निगरानी के लिए रेलवे के साथ एकीकृत वाहन निगरानी प्रणाली सहित सही जगह खाद्यान्न भेजने के लिए आपूर्ति प्रबंधन प्रणाली लागू की है. ‘एक देश एक राशन कार्ड' योजना से देशभर में राशन कार्ड की ‘पोर्टेबिलिटी' संभव हुई है।

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