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MSME सप्लायर्स को 31 मार्च तक पेमेंट नहीं करने पर चुकाना होगा ज्यादा टैक्स

MSME को अक्सर पेमेंट में देरी का सामना करना पड़ता है। इससे उन्हें काफी मुश्किल होती है। इस प्रॉब्लम को दूर करने के लिए सरकार ने फाइनेंस एक्ट 2023 में एक नया सेक्शन जोड़ा है। इसके मुताबिक तय समय तक पेमेंट नहीं करने पर वह पैसा बिजनेस के रेवेन्यू में जोड़ दिया जाएगा, जिस पर उसे टैक्स चुकाना होगा

Abhishek Anejaअपडेटेड Mar 26, 2024 पर 4:42 PM
MSME सप्लायर्स को 31 मार्च तक पेमेंट नहीं करने पर चुकाना होगा ज्यादा टैक्स
सभी बिजनेस एंटरप्राइजेज के लिए अपने ट्रांजैक्शन की समीक्षा जरूरी है ताकि वर्ष के अंत में इनकम टैक्स एक्ट के तहत जयादा टैक्स भरने से बचा जा सके।

एमएसएमई (MSME) को अक्सर कस्टमर्स से पेमेंट समय पर नहीं मिलता है। कुछ इंडस्ट्रीज में पेमेंट साइकिल बहुत लंबी है। 2023 के फाइनेंस एक्ट में समय पर एमएसएम को पेमेंट के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया। फाइनेंस एक्ट में सेक्शन 43B(h) को शामिल किया गया। 43B(h) के तहत एमएसएमई सप्लायर्स से खरीदारी के खर्च को पेमेंट्स के आधार पर क्लेम किया जा सकता है न कि जब एक्सपेंसेज या पर्चेस की एंट्री बुक्स ऑफ अकाउंट्स में की जाती है। यह नियम 1 अप्रैल, 2023 से लागू हो चुका है।

बिजनेस के लिए सभी ट्रांजेक्शन की समीक्षा जरूरी है

हम फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के अंत के करीब हैं। इसलिए सभी बिजनेस एंटरप्राइजेज के लिए अपने ट्रांजैक्शन की समीक्षा जरूरी है ताकि वर्ष के अंत में इनकम टैक्स एक्ट के तहत जयादा टैक्स भरने से बचा जा सके।

इनकम टैक्स एक्ट का सेक्शन 43B(h) क्या कहता है?

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