Mutual Fund SIP SWP Calculator: रिटायरमेंट के बाद ठाठ से जिंदगी जीना और हर महीने लाखों की पेंशन पाना कोई मुश्किल काम नहीं है, बस आपको निवेश का सही और स्मार्ट तरीका पता होना चाहिए। आम निवेशक एक तय रकम की एसआईपी (SIP) शुरू करके उसे सालों-साल चलाते हैं, जिससे वे एक अच्छा फंड तो बना लेते हैं, लेकिन 'स्मार्ट निवेशक' अपनी बढ़ती आमदनी के साथ हर साल अपने निवेश को भी बढ़ाते हैं।
अगर आप 30 साल की उम्र में रोजाना महज ₹200 बचाकर ₹6000 की मंथली म्यूचुअल फंड एसआईपी शुरू करते हैं, तो रिटायरमेंट के समय आपके पास ₹9 करोड़ से ज्यादा का भारी-भरकम फंड हो सकता है। इसके बाद एक खास ट्रिक के जरिए आप इसी फंड से ताउम्र ₹6 लाख महीना की पेंशन भी पा सकते हैं। आइए आसानी से समझते हैं इस 'SIP + SWP' कैलकुलेटर का पूरा गणित।
स्टेप-अप एसआईपी का जादू: ऐसे बनेगा ₹9 करोड़ का फंड
इस जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए आपको 'स्टेप-अप एसआईपी' का इस्तेमाल करना होगा। इसका मतलब है कि आपको हर साल अपनी एसआईपी की रकम में अपनी इनकम के हिसाब से थोड़ी बढ़ोतरी करनी होगी। एसबीआई सिक्योरिटीज के म्यूचुअल फंड कैलकुलेटर के मुताबिक इसका गणित इस प्रकार है:
वहीं अगर आप बिना स्टेप-अप के सीधे ₹6000 की सिंपल एसआईपी 30 साल तक चलाते, तो 15% रिटर्न के हिसाब से केवल ₹4.20 करोड़ ही जमा हो पाते। यानी सिर्फ 10% सालाना निवेश बढ़ाकर आपने अपने फंड को दोगुने से भी ज्यादा कर लिया।
पेंशन के लिए अपनाएं SWP फॉर्मूला: हर महीने मिलेंगे ₹6 लाख
जब आप 60 वर्ष की उम्र में ₹9 करोड़ का फंड जमा कर लेते हैं, तो अब आपको म्यूचुअल फंड से पैसे निकालने के लिए सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) का सहारा लेना होगा। सीनियर सिटीजंस और रिटायर्ड लोगों के लिए SWP रेगुलर इनकम का सबसे बेहतरीन जरिया है।
बचा हुआ इमरजेंसी फंड: हर महीने ₹6 लाख की पेंशन निकालने के बाद भी 25 साल पूरे होने पर आपके पास ₹2.64 करोड़ का फंड अलग से बच जाएगा। इस रकम का इस्तेमाल बुढ़ापे में किसी बड़ी मेडिकल इमरजेंसी के लिए किया जा सकता है।
30 साल बाद आखिर ₹6 लाख की पेंशन क्यों है जरूरी?
कई लोगों को लग सकता है कि ₹6 लाख महीने की पेंशन बहुत ज्यादा है, लेकिन इसके पीछे महंगाई का बड़ा रोल है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 'आज के समय में एक लोअर-मिडिल क्लास सीनियर सिटीजन के लिए ₹50000 का मंथली खर्च काफी होता है।
अगर हम स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा सहित सालाना 8% की महंगाई दर को जोड़ें, तो आज के ₹50000 की वैल्यू 30 साल बाद बढ़कर करीब ₹5 लाख प्रति माह हो जाएगी। इसमें बुढ़ापे के अन्य मेडिकल खर्चों और फुटकर खर्चों को जोड़ दें, तो 30 साल बाद एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए ₹6 लाख की मंथली पेंशन बिल्कुल सही और आदर्श मानी जाएगी।