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सिर्फ 10000 के SIP ने बनाया करोड़पति, जानिए ऐसे 2 टैक्स सेविंग्स म्यूचुअल फंड स्कीमों के बारे में

ELSS म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम की कैटेगरी में आती है। चूंकि, यह टैक्स सेविंग्स स्कीम है, जिससे इसमें लॉक-इन पीरियड होता है। ELSS का लॉक-इन पीरियड 3 साल है। इसका मतलब है कि इस स्कीम में निवेश करने के तीन साल बाद ही आप अपना पैसा निकाल सकेंगे

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 26, 2025 पर 12:25 PM
सिर्फ 10000 के SIP ने बनाया करोड़पति, जानिए ऐसे 2 टैक्स सेविंग्स म्यूचुअल फंड स्कीमों के बारे में
ईएलएसएस में आप हर महीने SIP से निवेश कर सकते हैं।

ऐसे बहुत कम इनवेस्टमेंट ऑप्शंस हैं, जिनमें टैक्स-सेविंग्स के साथ अट्रैक्टिव रिटर्न मिलता है। म्यूचुअल फंड की टैक्स-सेविंग्स स्कीम में ये दोनों फायदें मिलते हैं। म्यूचुअल फंड की टैक्स-सेविंग्स स्कीम को इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ईएलएसएस) भी कहा जाता है। यह इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80सी के तहत आती है। इसका मतलब है कि इस स्कीम में एक वित्त वर्ष में मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये का निवेश कर टैक्स डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है।

ईलएसएस में 3 सॉल का लॉक-इन पीरियड

यह ध्यान में रखना होगा कि ELSS म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम की कैटेगरी में आती है। चूंकि, यह टैक्स सेविंग्स स्कीम है, जिससे इसमें लॉक-इन पीरियड होता है। ELSS का लॉक-इन पीरियड 3 साल है। इसका मतलब है कि इस स्कीम में निवेश करने के तीन साल बाद ही आप अपना पैसा निकाल सकेंगे। सेक्शन 80सी के तहत आने वाली सभी टैक्स-सेविंग्स स्कीमों में सबसे कम लॉक-इन पीरियड ईएलएसएस का होता है।

सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन का लाभ

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