1 जून से बदल गए सोलर पैनल लगवाने के नियम! जानें आपकी जेब और PM सूर्य घर सब्सिडी पर क्या पड़ेगा असर

Solar Panel Subsidy Rule Change: 1 जून से लागू हुए नए नियमों के तहत सरकार ने सब्सिडी को और अधिक पारदर्शी और सीधे कंज्यूमर-फ्रेंडली बना दिया है। अब सब्सिडी की राशि किसी बिचौलिये या वेंडर के खाते में नहीं, बल्कि सीधे सोलर लगवाने वाले मकान मालिक के आधार-लिंक्ड बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी

अपडेटेड Jun 02, 2026 पर 5:30 PM
'PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' की सब्सिडी के नियमों को अपडेट कर दिया है

Solar Panel New Rules 2026: अगर आप भी अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर बिजली का बिल जीरो करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। 1 जून 2026 से देश में रूफटॉप सोलर पैनल लगवाने के नियमों में बड़ा बदलाव हो गया है। सरकार ने सोलर पैनल की नई कीमतों, वेंडर्स के रजिस्ट्रेशन और सबसे लोकप्रिय 'PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' की सब्सिडी के नियमों को अपडेट कर दिया है।

इन नए नियमों का सीधा असर आपकी जेब, सोलर पैनल की कुल लागत और मिलने वाली सरकारी छूट पर पड़ने वाला है। आइए समझते हैं कि अब आपको सोलर पैनल लगवाने के लिए क्या करना होगा।

PM सूर्य घर योजना में सब्सिडी के नियमों में क्या बदला?


1 जून से लागू हुए नए नियमों के तहत सरकार ने सब्सिडी को और अधिक पारदर्शी और सीधे कंज्यूमर-फ्रेंडली बना दिया है:

Direct Benefit Transfer (DBT): अब सब्सिडी की राशि किसी बिचौलिये या वेंडर के खाते में नहीं, बल्कि सीधे सोलर लगवाने वाले मकान मालिक के आधार-लिंक्ड बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी।

1 kW से 2 kW तक के सोलर सिस्टम (छोटे परिवारों के लिए)

छोटे परिवारों या जिन घरों में बिजली की खपत कम (करीब 150 से 300 यूनिट प्रति माह) है, उनके लिए सब्सिडी के ढांचे को री-स्ट्रक्चर किया गया है। पहले के मुकाबले अब 1 किलोवाट और 2 किलोवाट के सिस्टम पर मिलने वाली बेस सब्सिडी के प्रतिशत को थोड़ा बढ़ाया गया है, ताकि कम बजट वाले लोग भी इसे आसानी से लगवा सकें।

री-स्ट्रक्चरिंग के बाद, अगर कोई परिवार 1 kW या 2 kW का पैनल लगवाता है, तो उसकी जेब से लगने वाला शुरुआती पैसा पहले की तुलना में काफी कम हो जाता है। सरकार का लक्ष्य उन परिवारों तक पहुंचना है जो भारी-भरकम बिजली बिल से परेशान हैं लेकिन मोटी रकम एक साथ खर्च नहीं कर सकते।

3 kW या उससे अधिक क्षमता के पैनल (अधिकतम सब्सिडी फिक्स)

अगर आपका घर बड़ा है और आप 3 किलोवाट या उससे ज्यादा (जैसे 5 kW, 7 kW या 10 kW) का सोलर सिस्टम लगवाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए नियम अब पूरी तरह फिक्स कर दिए गए हैं।

नए नियम के तहत, 3 kW से ऊपर आप चाहे जितना बड़ा सोलर प्लांट लगवा लें, आपको सब्सिडी केवल एक तय की गई अधिकतम सीमा तक ही मिलेगी। मान लीजिए सरकार ने 3 kW के लिए अधिकतम ₹78000 की सब्सिडी फिक्स की है, तो 5 kW लगवाने पर भी आपको ₹78000 ही मिलेंगे, उससे ज्यादा नहीं। ऊपर की अतिरिक्त क्षमता का पूरा खर्च मकान मालिक को खुद उठाना होगा।

ऐसा इसलिए किया गया है ताकि योजना का फंड केवल अमीर या बहुत बड़े बंगले वाले लोग ही न डकार जाएं, बल्कि फंड का सही इस्तेमाल जरूरतमंदों के लिए हो सके।

अब सब्सिडी का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जो नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय(MNRE) द्वारा अप्रूव्ड नए 'ALMM' वाले सोलर मॉड्यूल्स का ही इस्तेमाल करेंगे।

सोलर पैनल की कीमतों पर क्या होगा असर?

नए नियमों और मार्केट के ताजा हालातों के बाद सोलर पैनल लगवाने के खर्च में थोड़ा बदलाव आया है:

मेड इन इंडिया पैनल हुए जरूरी: डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने भारतीय सोलर सेल्स से बने पैनलों पर छूट बढ़ा दी है। इसके कारण चीनी या विदेशी सोलर पैनल्स पर निर्भरता कम होगी।

शुरुआती लागत: बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, नई गाइडलाइंस के बाद 1 किलोवाट (kW) से लेकर 3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम की औसतन कीमत अब ₹50000 से ₹160000 के बीच बैठने वाली है। हालांकि, सरकारी सब्सिडी मिलने के बाद आम आदमी पर इसका नेट बोझ काफी कम हो जाएगा।

वेंडर्स और इंस्टॉलेशन के कड़े हुए नियम

अब कोई भी ऐरा-गैरा वेंडर आपके घर पर आकर सरकारी योजना के तहत सोलर पैनल नहीं ठोक सकेगा। सरकार ने मनमानी रोकने के लिए नियम सख्त किए हैं:

रजिस्टर्ड वेंडर्स ही मान्य: केवल 'राष्ट्रीय पोर्टल' पर रजिस्टर्ड और प्रमाणित वेंडर्स के जरिए ही सोलर लगवाने पर सब्सिडी क्लेम की जा सकेगी।

5 साल की वारंटी अनिवार्य: नए नियमों के मुताबिक, वेंडर को पूरे सिस्टम पर 5 साल की परफॉर्मेंस और मेंटेनेंस वारंटी देनी ही होगी। अगर इस बीच पैनल में कोई खराबी आती है, तो जिम्मेदारी वेंडर की होगी।

नेट मीटरिंग का नया टाइमलाइन: बिजली कंपनियों के लिए अब नेट मीटर लगाने और आपके सोलर सिस्टम को ग्रिड से जोड़ने की समय-सीमा को छोटा कर दिया गया है, जिससे अप्रूवल में होने वाली देरी खत्म होगी।

कैसे करें आवेदन और किन बातों का रखें ध्यान?

अगर आप जून 2026 में नया सोलर सिस्टम प्लान कर रहे हैं, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:

ऑफिशियल पोर्टल: सबसे पहले भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर जाएं।

कैलकुलेटर का उपयोग: अपने घर के मासिक बिजली बिल के हिसाब से लोड (kW) कैलकुलेट करें।

वेंडर का चुनाव: पोर्टल पर मौजूद अपने नजदीकी रजिस्टर्ड वेंडर की लिस्ट में से ही किसी को चुनें।

एप्लीकेशन: नेट-मीटरिंग के लिए अप्लाई करें और वेंडर से सोलर इंस्टॉलेशन पूरा होने के बाद 'कमिश्रिंग सर्टिफिकेट' जरूर लें, क्योंकि इसके बिना सब्सिडी का पैसा नहीं आएगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।