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इंटरेस्ट रेट बढ़ने से घबराए नहीं, इन 4 तरीकों से घट जाएगा होम लोन का आपका बोझ

आम तौर पर इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर बैंक EMI बढ़ाने के बजाय लोन की अवधि (Tenure) बढ़ा देते हैं। यह आपके ऊपर है कि आप बैंक को ऐसा करते देते हैं या उससे अपनी EMI बढ़ाने के लिए कहते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 10, 2022 पर 2:46 PM
इंटरेस्ट रेट बढ़ने से घबराए नहीं, इन 4 तरीकों से घट जाएगा होम लोन का आपका बोझ
रेपो रेट बढ़ने का असर उन लोगों पर पड़ेगा, जिन्होंने घर खरीदने के लिए बैंकों से होम लोन लिया है।

सस्ते होम लोन का दौर खत्म होता दिख रहा है। RBI ने पिछले हफ्ते इंटरेस्ट रेट 0.50 फीसदी बढ़ा दिया। इससे पहले भी उसने इंटरेस्ट रेट (Repo Rate) दो बार बढ़ाया था। इससे रेपो रेट बढ़कर 5.40 फीसदी पर पहुंच गया है। मई से लेकर अगस्त के बीच रेपो रेट में 1.40 फीसदी वृद्धि की गई है।

रेपो रेट बढ़ने का असर उन लोगों पर पड़ेगा, जिन्होंने घर खरीदने के लिए बैंकों से होम लोन लिया है। 1 अक्टूबर, 2019 के बाद से बैंकों की तरफ से सैंक्शन किए गए सभी रिटेल लोन फ्लोटिंग रेट वाले हैं। ये एक्सटर्नल बेंचमार्क से लिंक्ड हैं। ज्यादातर लोन के मामले में बेंचमार्क रेपो रेट है।

पैसाबाजार के को-फाउंडर और सीईओ नवीन कुकरेजा ने कहा, "जो होम लोन और रिटेल लोन रेपो रेट से लिंक्ड हैं, उनके इंटरेस्ट रेट में जल्द वृद्धि देखने को मिलेगी।" एमसीएलआर और बेस रेट की पुरानी व्यवस्था से लिंक्ड होम लोन के इंटरेस्ट रेट भी बढ़ेंगे।

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